न्यूज स्कूप : भारतीय कानून से बचकर लंदन में शरण लिए हुए पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी (Lalit Modi) ने अपने हालिया विवादित बयान को लेकर यू-टर्न ले लिया है। सोमवार (29 दिसंबर, 2025) को ललित मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक संदेश साझा करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
यह माफीनामा उस वायरल वीडियो के बाद आया है, जिसमें ललित मोदी और एक अन्य भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को एक साथ हंसी-मजाक करते और खुद को भारत का ‘सबसे बड़ा भगोड़ा’ बताते हुए देखा गया था। इस वीडियो ने भारत में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद मोदी को सफाई देने पर मजबूर होना पड़ा।
ललित मोदी ने अपने माफीनामे में विनम्र लहजा अपनाते हुए लिखा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। उसने अपने पोस्ट में कहा:
“अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, विशेष रूप से भारत सरकार की, तो मैं इसके लिए तहे दिल से माफी चाहता हूँ। मैं भारतीय सरकार और वहां की व्यवस्था का पूरा सम्मान करता हूँ। मेरी बात को गलत तरीके से समझा गया और मीडिया में वैसा दिखाया गया जैसा मेरा मतलब बिल्कुल नहीं था।”
विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ जब ललित मोदी ने विजय माल्या के 70वें जन्मदिन के मौके पर लंदन स्थित अपने आलीशान आवास से एक वीडियो पोस्ट किया था।
- वीडियो का कंटेंट: वीडियो में ललित मोदी और विजय माल्या हाथ में ड्रिंक लिए मुस्कुरा रहे थे। मोदी ने मजाकिया अंदाज में कैमरे के सामने कहा था कि यहाँ ‘भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े’ एक साथ मौजूद हैं।
- कैप्शन का तंज: उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को “Break the Internet” हैशटैग के साथ शेयर किया था, जिसे भारतीय जांच एजेंसियों और कानून व्यवस्था के प्रति सीधे उपहास के रूप में देखा गया।
वीडियो के सामने आते ही भारतीयों ने इसे 9,000 करोड़ (माल्या) और मनी लॉन्ड्रिंग (मोदी) के पीड़ितों का अपमान बताया।
- सिस्टम का मजाक: लोगों ने सवाल उठाए कि कैसे हजारों करोड़ रुपये डकार कर भागे ये अपराधी विदेश में बैठकर भारतीय सिस्टम का मखौल उड़ा रहे हैं।
- MEA की प्रतिक्रिया: हाल ही में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया था कि सरकार इन भगोड़ों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। कूटनीतिक दबाव बढ़ने और भारत सरकार के सख्त रुख को भांपते हुए ललित मोदी ने अब रक्षात्मक रुख अपनाया है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया पर माफी मांगने से ललित मोदी और विजय माल्या के खिलाफ चल रहे प्रत्यर्पण (Extradition) मामलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, ललित मोदी द्वारा वीडियो को अभी तक न हटाना यह संकेत देता है कि यह माफीनामा केवल एक ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश है ताकि उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि पर और बुरा असर न पड़े।
ललित मोदी की यह माफी भारत सरकार के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और प्रत्यर्पण की दिशा में हो रही सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। अब देखना यह है कि क्या यह भगोड़े केवल सोशल मीडिया पर ही ‘सक्रिय’ रहेंगे या कभी भारतीय अदालतों के कटघरे में भी खड़े होंगे।
