न्यूज स्कूप : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, परिवार के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर इतना बढ़ गया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बीच तीखी और गहरी तकरार हो गई। इस विवाद के बाद रोहिणी आचार्य रोते हुए राबड़ी देवी के आवास से निकल गईं।
यह तनाव तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव ने घर में हुई गरमागरम बहस के दौरान बिहार चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी सीधे तौर पर रोहिणी आचार्य पर डाल दी।
सूत्रों के मुताबिक, पारिवारिक बहसबाजी के दौरान तेजस्वी ने रोहिणी पर कटाक्ष करते हुए ताना मारा: “तुम तो बहुत खुश हो रही होगी, जो तुम चाहती थी वो हो गया।”
इस आरोप और ताने से रोहिणी भड़क उठीं और उन्होंने कड़ा पलटवार किया। रोहिणी ने गुस्से में कहा: “तुम जैसा व्यवहार कर रहे हो, मेरे दिल से बद्दुआएं निकल रही हैं। अभी और देखना मेरी बद्दुआ लगेगी तुम्हें।” उन्होंने तेजस्वी पर “घर की बेटी का अपमान” करने का भी आरोप लगाया।
रोहिणी को इस बात पर भी गुस्सा था कि वह सिंगापुर से पटना आईं और प्रचार में हिस्सा लेना चाहती थीं, लेकिन उन्हें सीमित जगहों पर ही भेजा गया। सारण में भी उन्हें सिर्फ एक दिन, वह भी अखिलेश यादव की रैली के दौरान ही बुलाया गया था। इसके बावजूद हार का ठीकरा उन पर फोड़ना उन्हें नागवार गुजरा।
विवाद चरम पर पहुंचने के बाद रोहिणी आचार्य शनिवार देर रात रोते हुए राबड़ी आवास छोड़कर निकल गईं। पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, लेकिन इन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।” रोहिणी के इस बयान ने लालू परिवार की कलह को सार्वजनिक कर दिया है।
तेजस्वी और रोहिणी के बीच जब यह तीखी बहस हुई, उस समय घर पर लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, रेचल (तेजस्वी की पत्नी) सहित पूरा परिवार मौजूद था। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया था कि जब रोहिणी घर छोड़ने लगीं, तो लालू और राबड़ी दोनों भावुक हो गए। सूत्रों के मुताबिक, परिवार की सभी बहनें इस विवाद में रोहिणी के पक्ष में खड़ी दिखीं और तेजस्वी के खिलाफ नजर आईं।
रोहिणी ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले संजय यादव और रमीज पर तेजस्वी पर दबाव डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।”
गौरतलब है कि लालू परिवार में यह पहली बार नहीं है जब अंदरूनी कलह सतह पर आई हो। इसी साल 25 मई को लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी पार्टी और परिवार से निकाल दिया था। उस समय तेज प्रताप ने भी अपनी निष्कासन का ठीकरा संजय यादव पर ही फोड़ा था, जिससे यह साफ होता है कि यह सहयोगी पार्टी के भीतर लंबे समय से विवाद का कारण बने हुए हैं।
