न्यूज स्कूप : मकर संक्रांति का पावन पर्व इस बार 14 के बजाय 15 जनवरी 2026 को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के इस उत्सव को ‘उत्तरायण’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन जहां तिल-गुड़ के व्यंजनों की खुशबू घरों में महकती है, वहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सराबोर रहता है।
दोस्तों और परिवार के साथ छत पर पतंगबाजी करना इस त्योहार का सबसे रोमांचक हिस्सा है। लेकिन, अक्सर जोश में हम सुरक्षा के उन पहलुओं को भूल जाते हैं जो हमारी और दूसरों की जान के लिए जोखिम बन सकते हैं। मकर संक्रांति के इस उल्लास में कोई खलल न पड़े, इसके लिए आपको कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
पतंगबाजी के दौरान सबसे बड़ा खतरा चाइनीज मांझा (Nylon Thread) होता है। यह मांझा न केवल इंसानों के लिए जानलेवा है, बल्कि आकाश में उड़ने वाले पक्षियों के लिए भी काल बन जाता है।
- खतरा: यह मांझा जल्दी टूटता नहीं है और त्वचा को गहराई तक काट देता है। कई बार बाइक सवार इसके गले में फंसने से अपनी जान गंवा चुके हैं।
- सलाह: हमेशा सूती धागे या पारंपरिक सददी का ही उपयोग करें। यह आपकी उंगलियों और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है।
मकर संक्रांति पर बच्चों का उत्साह दोगुना होता है, लेकिन वे खतरे से अनजान होते हैं।
- छत की मुंडेर: यदि आपकी छत की दीवार (मुंडेर) छोटी है, तो बच्चों को बिल्कुल अकेला न छोड़ें। पतंग उड़ाते समय पीछे की ओर चलते हुए गिरने का डर रहता है।
- उंगलियों की सुरक्षा: छोटे बच्चों के कोमल हाथों में मांझे से गहरे घाव हो सकते हैं। उन्हें पतंग उड़ाते समय टेप या सुरक्षात्मक दस्ताने पहनने को कहें।
कटी हुई पतंग को पकड़ने का रोमांच अलग होता है, लेकिन यह जानलेवा भी हो सकता है।
- सड़क और बिजली के तार: पतंग के पीछे भागते समय बच्चे अक्सर सड़क पर आ रहे वाहनों को नहीं देखते। इसके अलावा, बिजली के खंभों या तारों में फंसी पतंग को निकालने की कोशिश करना इलेक्ट्रिक शॉक (Current) का कारण बन सकता है। बच्चों को स्पष्ट निर्देश दें कि वे ऐसी किसी भी कोशिश से बचें।
घंटों छत पर पतंग उड़ाने से शरीर और त्वचा पर बुरा असर पड़ता है।
- सनस्क्रीन और चश्मा: धूप की सीधी किरणों से बचने के लिए अच्छी क्वालिटी की सनस्क्रीन लगाएं और आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस पहनें।
- हाइड्रेशन: पतंगबाजी के बीच पानी पीना न भूलें। खुद को और बच्चों को समय-समय पर नींबू पानी या अन्य हेल्दी ड्रिंक्स देते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।
याद रखें कि आसमान सिर्फ हमारा नहीं, परिंदों का भी है। सुबह जल्दी और सूर्यास्त के समय, जब पक्षी अपने घोंसलों की ओर लौट रहे होते हैं, पतंग उड़ाने से बचें। आपका थोड़ा सा संयम किसी बेगुनाह पक्षी की जान बचा सकता है।
मकर संक्रांति खुशियों, मेल-मिलाप और सकारात्मकता का त्योहार है। इस 15 जनवरी, सुरक्षा के इन नियमों का पालन कर खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखें। आपकी सावधानी ही इस त्योहार के उल्लास को और बढ़ाएगी।
