न्यूज स्कूप : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 21 जनवरी 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा को लेकर दो बड़े और निर्णायक फैसले लिए गए हैं। सरकार ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को वित्तीय मजबूती प्रदान करने और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अटल पेंशन योजना (APY) के विस्तार को मंजूरी दी है।
ये फैसले ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के माध्यम से रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
कैबिनेट ने सिडबी (SIDBI) को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी प्रदान करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह राशि वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के माध्यम से तीन अलग-अलग चरणों (ट्रांच) में बैंक में डाली जाएगी।
- MSME सेक्टर को सीधा लाभ: इस निवेश से देश के लगभग 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों को ऋण और वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
- दायरा बढ़ेगा: वित्त वर्ष 2025 के अंत तक वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले MSMEs की संख्या जो 76.26 लाख थी, वह वित्त वर्ष 2028 के अंत तक बढ़कर 1.02 करोड़ (102 लाख) होने की उम्मीद है।
MSME मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में MSME क्षेत्र रोजगार सृजन का सबसे बड़ा इंजन है।
- रोजगार का औसत: प्रति MSME इकाई लगभग 4.37 व्यक्तियों को रोजगार मिलता है।
- भविष्य का लक्ष्य: सरकार का अनुमान है कि इस नई इक्विटी सहायता के कारण जो 25.74 लाख नए MSME लाभार्थी जुड़ेंगे, उनके माध्यम से वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक देश में 1.12 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी।
सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए मोदी कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
- प्रचार और विकास: सरकार ने इस योजना के प्रचार-प्रसार और विकासात्मक गतिविधियों के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता को भी बढ़ा दिया है।
- असंगठित क्षेत्र पर फोकस: इसका मुख्य उद्देश्य निम्न-आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- जागरूकता अभियान: बढ़ी हुई धनराशि से देश के दूरदराज के इलाकों में श्रमिकों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे इस पेंशन योजना से जुड़कर अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें।
| योजना / संस्थान | मुख्य फैसला | अनुमानित प्रभाव |
| SIDBI | ₹5,000 करोड़ इक्विटी | 25.74 लाख नए MSME लाभार्थी |
| रोजगार | MSME विस्तार | 1.12 करोड़ नई नौकरियां (FY28 तक) |
| अटल पेंशन योजना | 2030-31 तक विस्तार | असंगठित श्रमिकों को पेंशन सुरक्षा |
| लक्ष्य | विकसित भारत 2047 | स्थायी सामाजिक सुरक्षा ढांचा |
कैबिनेट के ये निर्णय भारत की घरेलू उत्पादन क्षमता (Manufacturing Capacity) को बढ़ाने और समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को आर्थिक सुरक्षा देने की दोहरी रणनीति का हिस्सा हैं। MSME को मिलने वाली यह ऑक्सीजन भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को और तेज करेगी।
