न्यूज स्कूप : पंजाब कांग्रेस में जारी कलह अब बड़ी कार्रवाई में बदल गई है। लेजेंडरी क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ पार्टी ने बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है।
नवजोत कौर सिद्धू लगातार पार्टी के पंजाब नेताओं के खिलाफ बयानबाजी कर रही थीं और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे।
नवजोत कौर सिद्धू के खिलाफ इस कार्रवाई की जानकारी पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट कर दी है। उन्होंने वह पत्र भी शेयर किया है, जिसमें यह बताया गया है कि नवजोत कौर की प्राथमिक सदस्यता फिलहाल निलंबित (Suspend) की जाती है।
नवजोत कौर सिद्धू की बयानबाजी लगातार जारी थी, जिसने पार्टी के भीतर की राजनीति को सार्वजनिक रूप से कटघरे में खड़ा कर दिया था। उनके द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:
- टिकट बेचने का आरोप: उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर टिकट बेचने का सीधा आरोप लगाया और कहा कि इन नेताओं की निजी इच्छाओं और बंद कमरे की राजनीति ने पंजाब को बर्बादी की ओर धकेल दिया है।
- 5 करोड़ रुपए लेने का आरोप: आज भी नवजोत कौर सिद्धू ने मीडिया से बात करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर काउंसलर चुनाव के दौरान 5 करोड़ रुपए लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
- सीक्रेट मीटिंग और सांठ-गांठ: उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा समेत पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर राजस्थान जाकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने और आपसी सांठ-गांठ करने के भी आरोप लगाए थे।
- पद बेचने का आरोप: उन्होंने बिना कांग्रेस पार्टी का नाम लिए, 500 करोड़ रुपए में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी देने जैसे आरोप भी लगाए थे।
इससे पहले शनिवार को नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने अपने पति नवजोत सिंह सिद्धू की सक्रियता को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था।
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाएगी, तभी वह सक्रिय होंगे, वरना वह टीवी पर खूब पैसा कमा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धू कांग्रेस और प्रियंका गांधी से जुड़े हैं, फिर भी उन्हें विश्वास नहीं है कि पंजाब कांग्रेस का विपक्ष सिद्धू को पार्टी में रहने देगा, क्योंकि कांग्रेस के पास पहले से ही पांच मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं और वे कांग्रेस को हराने में लगे हैं।
नवजोत कौर के लगातार और बेहद गंभीर आरोपों के कारण, पंजाब कांग्रेस को अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
