20 Mar 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : दिल्ली की तिहाड़ जेल में पिछले पांच वर्षों से बंद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद (Umar Khalid) एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। इस बार उन्हें सात समुंदर पार अमेरिका से समर्थन मिला है। न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने मेयर पद की शपथ लेने के साथ ही उमर खालिद को एक भावुक पत्र लिखकर उनके प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने हाल ही में न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में इतिहास रचा है। वे इस वैश्विक शहर के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं। मेयर की कुर्सी संभालते ही उन्होंने भारत में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद उमर खालिद को याद किया है।

पत्र में ममदानी ने क्या लिखा?

उमर खालिद की पार्टनर बनोज्योत्सना लाहिरी ने सोशल मीडिया पर यह हाथ से लिखा पत्र साझा किया है। बिना तारीख वाले इस संदेश में जोहरान ममदानी ने उमर के परिवार से हुई अपनी मुलाकात का भावुकता से जिक्र किया है।

  • पारिवारिक जुड़ाव: ममदानी ने लिखा कि उन्हें उमर खालिद के माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा और वे लगातार उमर की खैरियत और उनके विचारों के बारे में सोचते रहते हैं।
  • संघर्ष की सराहना: पत्र में न्यूयॉर्क के मेयर ने उमर खालिद की उस मानसिक मजबूती की प्रशंसा की, जिसके जरिए वे नफरत और कड़वाहट के खिलाफ खड़े रहे हैं। उन्होंने उमर के संघर्ष को अन्याय के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में रेखांकित किया।

पहले भी बुलंद कर चुके हैं आवाज

यह पहली बार नहीं है जब जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के पक्ष में स्टैंड लिया हो।

  • जून 2023 का वाकया: जब वे न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उमर खालिद द्वारा जेल से लिखे गए पत्र के कुछ अंश पढ़े थे।
  • अमेरिकी सांसदों का दबाव: ममदानी के अलावा, 8 अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने भी भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर उमर खालिद के मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई के साथ-साथ जमानत की मांग की थी।

क्या है उमर खालिद का मामला?

38 वर्षीय उमर खालिद को सितंबर 2020 में दिल्ली दंगों की कथित साजिश के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

  1. कठोर कानून: उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ कड़े UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
  2. जमानत का इंतजार: पिछले 5 सालों से उन्हें नियमित जमानत नहीं मिल पाई है। हालांकि, हाल ही में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें कुछ दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन अदालत ने उन पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल और सार्वजनिक भाषण देने पर सख्त पाबंदी लगाई थी।

जोहरान ममदानी: एक संक्षिप्त परिचय

विवरणजानकारी
नामजोहरान ममदानी
पदमेयर, न्यूयॉर्क शहर (USA)
खासियतन्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर
मूलभारतीय मूल (Indian Origin)

जोहरान ममदानी का यह पत्र वैश्विक मंच पर नागरिक अधिकारों और मानवाधिकारों की बहस को फिर से गरमा सकता है। जहां एक ओर भारतीय एजेंसियां उमर खालिद पर लगे आरोपों को गंभीर मानती हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके समर्थन में उठती ये आवाजें इस कानूनी लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ रही हैं।

By News Scoop Desk

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