न्यूज स्कूप : भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण पद संभालने के बाद, युवा नेता नितिन नबीन ने मंगलवार (16 दिसंबर) को बिहार सरकार में अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह बिहार में पथ निर्माण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
नितिन नबीन ने सोमवार (15 दिसंबर) को दिल्ली पहुंचकर बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया था।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभालने के तुरंत बाद नितिन नबीन ने मंगलवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
- नबीन का बयान: उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभालने के उपरांत आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आपका मार्गदर्शन संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहा है।”
नितिन नबीन बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। वह पांच बार से विधायक हैं और बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह पहले भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
- समुदाय: वह कायस्थ समुदाय से संबंध रखते हैं।
- भविष्य की संभावना: पार्टी नेताओं के अनुसार, 45 वर्षीय नितिन नबीन इस पद पर आसीन होने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक हैं और उन्हें मौजूदा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी बनने की प्रबल संभावना के रूप में देखा जा रहा है।
पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को नितिन नबीन ने अपनी नई जिम्मेदारी पर प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
- एक्स पोस्ट: उन्होंने कहा था, “आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मिली जिम्मेदारी उस वैचारिक धारा को आगे बढ़ाने का अवसर है, जिसकी नींव हमारे संस्थापक सदस्यों ने त्याग, तपस्या और सिद्धांतों पर रखी।”
- संकल्प: उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को नमन करते हुए संगठन, सेवा और समर्पण के पथ पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण के दायित्व को और अधिक निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया।
बिहार के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब नितिन नबीन पूरी तरह से बीजेपी के केंद्रीय संगठन की जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
