न्यूज स्कूप : उत्तर भारत में नए साल 2026 का आगाज हाड़ कपा देने वाली ठंड के साथ हुआ है। पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में अगले 6 से 7 दिनों तक ‘भीषण शीतलहर’ (Cold Wave) और ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की गंभीर चेतावनी जारी की है।
कोहरे की घनी चादर के कारण यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार (3 जनवरी) की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी रही।
- पूर्वानुमान: आसमान साफ रहेगा, लेकिन सुबह और रात के वक्त घना कोहरा छाया रहेगा।
- हवा की गति: 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ाएंगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- उत्तर प्रदेश: यूपी में 6 से 9 जनवरी के बीच ‘भीषण शीतलहर’ का प्रकोप देखने को मिलेगा। रात के तापमान में 3-4 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है।
- बिहार: बिहार में 4 और 5 जनवरी को ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) घोषित किया गया है। यहाँ सुबह के समय बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में स्थिति और भी गंभीर है। हिमाचल प्रदेश के ताबो में न्यूनतम तापमान -6.8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
- ब्लैक आइस का खतरा: कुल्लू-मनाली में बर्फबारी के बाद सड़कों पर ‘ब्लैक आइस’ (बर्फ की पतली पारदर्शी परत) जमनी शुरू हो गई है, जिससे सड़कें कांच की तरह फिसलने वाली हो गई हैं।
- प्रशासनिक रोक: सुरक्षा के मद्देनजर रोहतांग दर्रा को सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। पर्यटकों को गुलाबा से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
- पूर्वानुमान: मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 6 जनवरी को ऊंचे पहाड़ों पर एक बार फिर हल्की बर्फबारी होने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे पशुओं को ढके हुए स्थानों पर रखें। घने कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय ‘फॉग लाइट्स’ का प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
जनवरी का पहला सप्ताह उत्तर भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। शीतलहर और कोहरे का यह घातक संयोजन न केवल स्वास्थ्य बल्कि परिवहन तंत्र के लिए भी बड़ी परीक्षा साबित होगा।
