न्यूज स्कूप : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद हलचल भरी होने वाली है। जनवरी के मध्य में ग्रहों की एक ऐसी स्थिति बनने जा रही है, जो कई दशकों में विरल ही देखने को मिलती है। शनि की स्वामित्व वाली मकर राशि में एक साथ पांच प्रमुख ग्रहों का जमावड़ा लगने वाला है, जिससे ‘पंचग्रही योग’ का निर्माण होगा।
यह अद्भुत लेकिन चुनौतीपूर्ण संयोग 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 के बीच अपने चरम पर रहेगा। इस दौरान सूर्य, मंगल, शुक्र, बुध और चंद्रमा एक ही राशि (मकर) में मौजूद रहेंगे। हालांकि यह योग केवल तीन दिनों के लिए पूर्ण रूप से सक्रिय है, लेकिन इसकी ऊर्जा का प्रभाव जनवरी के अंत तक महसूस किया जाएगा। ज्योतिषियों का मानना है कि यह ऊर्जा समाज और व्यक्तिगत जीवन में मानसिक दबाव और संघर्ष की स्थिति पैदा कर सकती है।
आइए जानते हैं उन 3 राशियों के बारे में, जिन्हें इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
मेष राशि के जातकों के लिए मकर राशि का यह पंचग्रही योग करियर के क्षेत्र में उथल-पुथल मचा सकता है।
- चुनौतियां: ऑफिस में काम का बोझ अचानक बढ़ने से आप मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों या टीम मेंबर्स के साथ वैचारिक मतभेद होने की प्रबल संभावना है।
- सावधानी: अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और कार्यस्थल पर किसी भी तरह की राजनीति से दूर रहें। जल्दबाजी में नौकरी बदलने या निवेश करने का फैसला भारी पड़ सकता है।
सिंह राशि वालों के लिए यह योग निजी संबंधों और स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील रहेगा।
- चुनौतियां: आपके सातवें भाव में ग्रहों की स्थिति दांपत्य जीवन में गलतफहमियां पैदा कर सकती है। पार्टनर के साथ छोटी सी बात पर बड़ा विवाद होने की आशंका है।
- स्वास्थ्य: अनिद्रा (Insomnia) और पेट से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। भावनाओं में बहकर किसी भी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें।
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय पारिवारिक शांति को भंग करने वाला साबित हो सकता है।
- चुनौतियां: घर-परिवार में किसी पुरानी बात को लेकर तनाव बढ़ सकता है। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहेगी।
- आर्थिक: जमीन-जायदाद या वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो फिलहाल इसे टालना ही बेहतर होगा। आर्थिक लेन-देन में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें, अन्यथा धन हानि हो सकती है।
ज्योतिषियों का सुझाव है कि इस संवेदनशील समय में नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:
- हनुमान चालीसा का पाठ: प्रतिदिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से मंगल और शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
- ध्यान और योग: मानसिक शांति के लिए रोजाना 15-20 मिनट ध्यान (Meditation) जरूर करें।
- दान-पुण्य: शनिवार के दिन काली तिल या उड़द की दाल का दान करना फलदायी रहेगा।
ग्रहों की यह युति प्रकृति में असंतुलन और व्यक्तिगत जीवन में धैर्य की परीक्षा ले सकती है। मेष, सिंह और कुंभ राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि वे 25 जनवरी तक किसी भी बड़े निर्णय को टालें और शांत रहकर इस समय को व्यतीत करें।वरी तक किसी भी बड़े निर्णय को टालें और शांत रहकर इस समय को व्यतीत करें।
