न्यूज स्कूप : 30 की उम्र तक आते-आते लगभग हर कोई सफेद बालों की समस्या से जूझने लगता है। कुछ लोगों में यह समस्या इससे पहले भी शुरू हो जाती है, जिसे अर्ली ग्रेइंग कहते हैं। कई लोग इन शुरुआती सफेद बालों को छिपाने के लिए उन्हें तोड़कर या उखाड़कर फेंकने की कोशिश करते हैं।
इस दौरान सबसे ज्यादा परेशान करने वाला सवाल यह है कि: क्या सच में एक सफेद बाल तोड़ने से उसके आसपास और भी सफेद बाल उगने लगते हैं?
जवाब है: नहीं। यह पूरी तरह से एक मिथक (myth) है।
स्किन और बालों के विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि एक सफेद बाल को तोड़ने से बाकी बालों का रंग बदलने वाला नहीं है।
हर बाल अपनी अलग जड़ यानी हेयर फॉलिकल में बनता है। हर फॉलिकल की अपनी एक कलर फैक्टरी होती है जिसे मेलानोसाइट्स कहते हैं। ये मेलानोसाइट्स ही मेलेनिन बनाते हैं, जिससे बाल को उसका काला या भूरा रंग मिलता है।
जब किसी फॉलिकल में मेलेनिन बनना कम हो जाता है या बंद हो जाता है, तभी उस फॉलिकल से सफेद बाल निकलते हैं। इसलिए, एक सफेद बाल तोड़ने से दूसरे फॉलिकल्स पर कोई असर नहीं होता है। बाकी काले बाल सिर्फ इसलिए सफेद नहीं होते कि आपने एक बाल उखाड़ दिया। उस जगह वही बाल दोबारा उगेगा, और अगर वह फॉलिकल अब मेलेनिन नहीं बना रहा, तो बाल फिर से सफेद ही आएगा।
सफेद बाल तोड़ने से दूसरे बाल तो सफेद नहीं होते, लेकिन यह सही नहीं माना जाता क्योंकि इसके कारण आपके स्कैल्प और बालों के फॉलिकल्स को कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं:
- संक्रमण (Infection) का खतरा: बार-बार बालों को उखाड़ने से फॉलिकल के आसपास की जगह कमजोर और सेंसिटिव हो जाती है। वहाँ बैक्टीरिया आसानी से पहुंच जाते हैं, जिससे लालपन, सूजन, दर्द या पिंपल जैसे दाने हो सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से फॉलिकल इंफेक्ट होकर हमेशा के लिए खराब भी हो सकता है।
- इनग्रोन हेयर की समस्या: जब आप बाल को जोर से खींचकर निकालते हैं, तो कभी-कभी बाल की बढ़ने की दिशा बदल जाती है। नया बाल बाहर आने के बजाय स्किन के अंदर ही मुड़ जाता है। इसे इनग्रोन हेयर कहते हैं, जिससे लाल उभार, खुजली, दर्द और जलन हो सकती है।
- स्कैल्प पर जलन और इरिटेशन: बार-बार बाल खींचने से उस जगह की स्किन पर चोट लग जाती है। खासकर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को खुजली, चुभन और लाल धब्बे ज्यादा महसूस होते हैं।
- हाइपरपिग्मेंटेशन और निशान: कुछ लोग बार-बार बाल उखाड़ते-उखाड़ते उस जगह पर दाग या काले निशान (Hyperpigmentation) बना लेते हैं। फॉलिकल पर दबाव पड़ने से स्किन में पिगमेंटेशन बढ़ जाता है।
- फॉलिकल कमजोर होने से बाल कम उगना: लगातार खींचने की वजह से फॉलिकल इतना कमजोर हो सकता है कि उस जगह बाल उगना कम हो जाए या बंद भी हो जाए। इससे आपके स्कैल्प पर पैची हेयर ग्रोथ दिख सकती है।
सफेद बाल तोड़ने के बजाय, उनकी सही देखभाल करना सबसे अच्छा तरीका है।
सही पोषक तत्व लें: बालों के रंग और मजबूती के लिए कुछ न्यूट्रिएंट बहुत जरूरी हैं। अपनी डाइट में विटामिन B12, विटामिन E, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन को शामिल करें। इससे बाल मजबूत बनते हैं और झड़ना कम होता है।
बालों को अच्छी तरह मॉइस्चराइज करें: सफेद या ग्रे बाल सामान्य बालों की तुलना में ज्यादा सूखे हो जाते हैं। इसलिए, मॉइस्चराइजिंग शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, या नारियल/ऑलिव ऑयल का नियमित रूप से उपयोग करें।
धूप से बचाएं: तेज सूरज (UV Rays) से बाल और ज्यादा रूखे और खराब दिखने लगते हैं। इसलिए बाहर निकलने पर स्कार्फ, कैप या यूवी प्रोटेक्ट स्प्रे का यूज करें।
समय-समय पर ट्रिमिंग कराएं: ट्रिमिंग से स्प्लिट एंड्स (दोमुंहे बाल) कम होते हैं, बालों का स्ट्रक्चर बेहतर होता है और बाल सॉफ्ट और अच्छे दिखते हैं।
