न्यूज स्कूप : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) में चल रहे पुलिस महानिदेशकों (DGP) और पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) के 60वें वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश की सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया, जिसका उद्देश्य ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करना है।
पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “रायपुर में डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन के पहले दिन भारत की सुरक्षा प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। यह इस क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को साझा करने का एक बेहतरीन मंच है।”
सम्मेलन का उद्घाटन शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का ‘स्थायी समाधान’ दिया है और नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में तेजी से कमी आई है।
गृह मंत्री ने पुलिस प्रमुखों से कई महत्वपूर्ण मामलों पर ज़ोर दिया:
- संगठित अपराध पर प्रहार: उन्होंने नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ चौतरफा लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
- इंट्रा-एजेंसी तालमेल: उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य पुलिस बल स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर काम करें और राज्य, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नशीले पदार्थों के गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करें।
- पुलिस आधुनिकीकरण: उन्होंने देश भर में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
यह महत्वपूर्ण बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश की सुरक्षा एजेंसियां हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद हाई अलर्ट पर हैं। इस विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ ही सप्ताह पहले एजेंसियों ने एक ‘सफेदपोश’ आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था जो इस विस्फोट में शामिल था। आतंकवाद के इस खतरे ने पुलिस प्रमुखों के लिए चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। इसके अंतर्गत वामपंथी उग्रवाद (LWE), आतंकवाद रोधी रणनीति, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग जैसे प्रमुख सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हो रहा है।
सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, खुफिया ब्यूरो (IB) प्रमुख तपन कुमार डेका और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद सहित लगभग 600 अधिकारियों की भागीदारी की संभावना है। नए और युवा दृष्टिकोण को शामिल करने के लिए, इस बार डीआईजी (उप महानिरीक्षक) और एसपी (पुलिस अधीक्षक) स्तर के कई अधिकारी भी भाग ले रहे हैं।
गौरतलब है कि 2013 तक यह वार्षिक सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित होता था, लेकिन 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद, इसे राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करने का निर्णय लिया गया, ताकि स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
