न्यूज स्कूप : दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के अलग-अलग देशों से पहुंचे नेताओं से मुलाकात की और भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को मजबूत किया। इस बार के जी-20 सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे बड़े नेताओं के नदारद रहने के कारण, प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के मंच पर एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं।
जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा ने उनसे हाथ जोड़कर मुलाकात की। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को हाथ जोड़कर नमस्ते बोला। इस दौरान दोनों नेताओं को हंसी-मजाक करते हुए देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
पीएम मोदी ने मेलोनी के अलावा कई देशों के राजनेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा से गर्मजोशी के साथ गले मिलकर मुलाकात की, जहां सिल्वा पीएम मोदी की पीठ थपथपाते नजर आए। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी पीएम मोदी ने गले लगकर मुलाकात की।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मुलाकात में भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही यूक्रेन संकट, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक व्यापार के मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
- पिछली मुलाकातें: इससे पहले पीएम मोदी ने जून 2025 में भी कनाडा के कनानास्किस में आयोजित हुए 51वें जी7 समिट के दौरान इटली की प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी।
- साझा विरासत: बता दें, सितंबर में पीएम मोदी ने मेलोनी को एक असाधारण राजनेता बताया था और उनकी ऑटोबायोग्राफी ‘आई एम जॉर्जिया’ की प्रस्तावना (Foreword) भी लिखी थी। इस प्रस्तावना में पीएम मोदी ने भारत और इटली के बीच मजबूत संबंधों पर बल दिया, जो साझी सांस्कृतिक सोच, विरासत का संरक्षण और नारीत्व का उत्सव पर आधारित है।
- समर्थन: मेलोनी ने 2026 में भारत द्वारा होस्ट किए जाने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता के लिए भी अपना समर्थन जताया है।
इस बार का जी-20 सम्मेलन भारत के लिए बेहद अहम है। साल 2023 में भारत की अध्यक्षता में ही अफ्रीका को जी-20 का हिस्सा बनाया गया था। यह पहली बार है, जब अफ्रीका में जी-20 समिट का आयोजन हो रहा है।
अमेरिका, रूस और चीन के राष्ट्राध्यक्षों की गैरमौजूदगी में भारत इस बार के सम्मेलन में एक प्रमुख और केंद्रीय चेहरा है। पीएम मोदी की सक्रियता और कई वर्ल्ड लीडर्स से उनकी मुलाकातें वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं।
