न्यूज स्कूप : गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी अहमदाबाद आज विश्व के रंगों और कूटनीति की नई इबारत का गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दो दिवसीय भारत दौरे पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (Friedrich Merz) ने सोमवार सुबह साबरमती रिवरफ्रंट पर ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर आसमान सतरंगी पतंगों से सराबोर दिखा, जहाँ दोनों नेताओं ने न केवल महोत्सव का आनंद लिया, बल्कि स्वयं भी पतंग उड़ाकर दोस्ती का संदेश दिया।
यह महोत्सव 2026 के लिए विशेष है क्योंकि इसमें चिली, कोलंबिया और दक्षिण कोरिया समेत 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों ने हिस्सा लिया है। अगले 7 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में रात के समय एलईडी लाइट्स से सजी पतंगें अहमदाबाद के आसमान को जगमग करेंगी।
पतंग महोत्सव से पहले पीएम मोदी और जर्मन चांसलर साबरमती आश्रम पहुंचे। दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और चरखा चलाने की परंपरा को भी करीब से देखा।
- मर्ज का संदेश: जर्मन चांसलर ने आश्रम की गेस्ट बुक में गांधी के आदर्शों की प्रशंसा करते हुए लिखा कि “महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा और मानवीय गरिमा में उनकी आस्था आज भी दुनिया को प्रेरित करती है। मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में गांधी के आदर्शों की पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है।”
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा है:
| दिन | स्थान/कार्यक्रम | मुख्य गतिविधि |
| पहला दिन | सोमनाथ मंदिर | ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में शामिल हुए (1026 के आक्रमण के 1000 साल)। |
| दूसरा दिन | अहमदाबाद | 1 किमी लंबी ‘शौर्य यात्रा’ और अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन। |
| तीसरा दिन | साबरमती रिवरफ्रंट | अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का उद्घाटन और द्विपक्षीय वार्ता। |
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का माहौल है। अब दोनों नेता गांधीनगर में द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
- रक्षा डील: भारत और जर्मनी के बीच सबमरीन और अन्य रक्षा उपकरणों को लेकर बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
- ग्रीन हाइड्रोजन: ऊर्जा के क्षेत्र में ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ को लेकर दोनों देश एक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
- तकनीक और निवेश: जर्मनी भारत में सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी तकनीक में निवेश बढ़ाने पर मंथन करेगा।
अहमदाबाद का यह अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव न केवल खेल है, बल्कि गुजरात की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी मजबूती प्रदान करता है। स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ विदेशी प्रतिभाओं के मेल ने इसे वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड गुजरात’ का प्रतीक बना दिया है। रात के समय एलईडी पतंगों का प्रदर्शन (Night Kite Flying) इस बार का मुख्य आकर्षण रहने वाला है।
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की यह मुलाकात केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें संस्कृति और परंपराओं का सुंदर मेल भी दिखा। साबरमती के तट पर उड़ती पतंगें भारत और जर्मनी के मजबूत होते रिश्तों की ऊंचाई को दर्शा रही हैं।
