द लोकतंत्र : प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है, और यह खाताधारकों को एक ऐसी सुविधा प्रदान करता है जो सामान्य सेविंग अकाउंट में आसानी से नहीं मिलती—अकाउंट बैलेंस जीरो होने पर भी पैसे निकालने की सुविधा। जनधन अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती, इसके बावजूद, ग्राहक अपने जीरो बैलेंस अकाउंट से ₹10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा (Overdraft Facility) का लाभ उठा सकते हैं।
यह सुविधा खासतौर पर आपातकाल या आकस्मिक खर्च के लिए बेहद मददगार साबित होती है।
ओवरड्राफ्ट का मतलब है कि यदि आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, या बैलेंस शून्य है, तब भी बैंक आपको एक तय सीमा तक थोड़ी रकम निकालने की अनुमति देता है।
- अल्पकालिक उधार: इसे बैंक द्वारा आपको दिया गया एक अल्पकालिक (Short-term) उधार समझा जा सकता है।
- भुगतान: जब आपके खाते में पैसा आएगा, तब आपको यह राशि बैंक को वापस लौटानी होगी।
- ब्याज: ध्यान दें कि ओवरड्राफ्ट पर बैंक द्वारा निर्धारित थोड़ा ब्याज भी लगता है, जो सामान्य बचत खाते के ब्याज दर से अधिक होता है।
जनधन योजना के तहत खोले गए सभी बैंक खाते बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) होते हैं। ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने के लिए ग्राहक को बैंक में जाकर आवेदन करना होगा।
- आवेदन प्रक्रिया: ग्राहक को सीधे अपनी बैंक शाखा में जाकर ओवरड्राफ्ट के लिए आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- मंजूरी: अधिकतर बैंक इसे तुरंत मंजूर कर देते हैं, बशर्ते ग्राहक का पिछले वित्तीय व्यवहार (financial conduct) अच्छा रहा हो।
- अतिरिक्त लाभ: जनधन खातों के साथ दिए गए RuPay डेबिट कार्ड पर ₹2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है।
किसी भी वित्तीय सुविधा की तरह, ओवरड्राफ्ट के भी अपने फायदे और नुकसान हैं, जिन्हें समझना जरूरी है:
| ओवरड्राफ्ट के फायदे (Pros) | ओवरड्राफ्ट के नुकसान (Cons) |
| आपातकाल में तुरंत फंड: अचानक खर्च या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत पैसा मिल जाता है। | ब्याज दर: इस पर सामान्य सेविंग अकाउंट की तुलना में अधिक ब्याज लगता है। |
| त्वरित उपलब्धता: यह सुविधा पर्सनल लोन की तरह लंबी दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया (Documentation) नहीं मांगती, तुरंत उपलब्ध होती है। | क्रेडिट हिस्ट्री पर असर: समय पर भुगतान न करने पर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री (CIBIL Score) खराब हो सकती है। |
| जीरो बैलेंस पर सपोर्ट: खाता जीरो होने पर भी बैंक से ₹10,000 तक की वित्तीय मदद मिल जाती है। | नकारात्मक बैलेंस: बार-बार और अनावश्यक रूप से इस्तेमाल करने पर अकाउंट नकारात्मक (Negative) हो सकता है। |
ओवरड्राफ्ट एक सुविधा है, लोन नहीं। इसलिए, इसका इस्तेमाल केवल सच्ची जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए। यह सुविधा आकस्मिक खर्च, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य अचानक आवश्यकताओं के लिए बेहद लाभकारी है।
यह ध्यान रखें कि बैंक सिर्फ तय सीमा (जनधन में ₹10,000 तक) तक ही ओवरड्राफ्ट की अनुमति देता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपयोग की गई राशि का समय पर भुगतान करने से न केवल आपका क्रेडिट रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है, बल्कि भविष्य में बैंक से अन्य वित्तीय सेवाएं प्राप्त करने में भी आसानी होती है।
