न्यूज़ स्कूप डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए इस नतीजे को ‘चौंकाने वाला’ बताया है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन चुनावी माहौल शुरुआत से ही निष्पक्ष नहीं था।
राहुल गांधी ने शुक्रवार (14 नवंबर, 2025) को एक्स पर एक पोस्ट साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि वे बिहार के उन करोड़ों मतदाताओं के आभारी हैं, जिन्होंने महागठबंधन के पक्ष में खड़े होकर लोकतंत्र पर भरोसा जताया। उन्होंने लिखा कि चुनाव परिणाम न सिर्फ अप्रत्याशित हैं, बल्कि कई सवाल भी खड़े करते हैं। गांधी ने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल सीटों की नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस नतीजे की पूरी समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति को और मजबूत बनाएंगे। राहुल गांधी ने महागठबंधन के सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगी दलों और समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई लंबी है और इसे मजबूती से लड़ते रहना ही होगा।
वहीं, चुनावी नतीजों में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। कुल 243 सीटों में से कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, लेकिन नतीजों में पार्टी सिर्फ 6 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को वाल्मिकीनगर, चनपटिया, फोर्ब्सगंज, अररिया, किशनगंज और मनिहारी सीटों पर जीत मिली। इनमें से फोर्ब्सगंज में जीत का अंतर सिर्फ 221 वोट और चनपटिया में मात्र 602 वोट था, जो दर्शाता है कि कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा।
राजद-कांग्रेस नेतृत्व वाले महागठबंधन के लिए यह नतीजे भारी झटका हैं, जबकि एनडीए की जीत ने बिहार की राजनीतिक ध्रुवीकरण को एक नया मोड़ दिया है। राहुल गांधी की टिप्पणी ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ दी है, और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर साफ दिखाई दे सकता है।
