न्यूज स्कूप : राजस्थान की कोटा पुलिस ने एक बड़ी और त्वरित कार्रवाई करते हुए उस युवक को हिरासत में ले लिया है, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत 25 सांसदों को गोली मारने की धमकी दी थी। आरोपी की पहचान राज सिंह आमेरा के रूप में हुई है। कोटा शहर पुलिस ने इस भड़काऊ वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी को डिटेन (Detain) किया है।
कोटा शहर एसपी तेजस्वनी गौतम ने इस मामले पर स्पष्ट संदेश जारी करते हुए कहा कि कानून सर्वोपरि है और किसी को भी शांति व्यवस्था भंग करने या कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस मामले में विधिक कार्यवाही कर रही है।
धमकी भरे वीडियो में राज सिंह आमेरा ने खुद को करणी सेना का कोटा संभागीय प्रभारी बताया था। इस दावे के बाद जैसे ही विवाद बढ़ा, करणी सेना के आधिकारिक प्रतिनिधियों ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि राज सिंह आमेरा का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
- अकाउंट बंद: जिस इंस्टाग्राम अकाउंट से यह धमकी दी गई थी, उसे पुलिस की सक्रियता के बाद बंद कर दिया गया है।
- आरोपी की पृष्ठभूमि: आमेरा कोटा का ही निवासी है और उसने लोकप्रियता पाने या राजनीतिक उग्रता के चलते यह पोस्ट डाली थी।
इस घटना के बाद राजस्थान की राजनीति में उबाल आ गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।
डोटासरा के मुख्य आरोप:
- वैचारिक उग्रता: उन्होंने कहा कि यह बीजेपी और आरएसएस की उस कट्टर मानसिकता का परिणाम है, जहां असहमति की आवाज को दबाने के लिए हिंसा की जमीन तैयार की जाती है।
- षड्यंत्र का आरोप: डोटासरा ने हैरानी जताई कि संवैधानिक पद पर बैठे नेता को धमकी देने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे उग्र संगठनों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
- गांधी बनाम गोडसे: डोटासरा ने जोर देकर कहा कि यह देश गोडसे की सोच पर नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के अहिंसात्मक रास्ते पर ही चलेगा।
| विवरण | जानकारी |
| आरोपी का नाम | राज सिंह आमेरा |
| स्थान | कोटा, राजस्थान |
| धमकी का शिकार | राहुल गांधी और 25 अन्य सांसद |
| प्लेटफॉर्म | इंस्टाग्राम (वीडियो संदेश) |
| पुलिस कार्रवाई | आरोपी को हिरासत में लिया गया |
| संगठन का दावा | खुद को करणी सेना का प्रभारी बताया (संगठन ने नकारा) |
कोटा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। भड़काऊ भाषण, हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेश या किसी भी व्यक्ति की जान को खतरे में डालने वाली पोस्ट पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। राज सिंह आमेरा से फिलहाल पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धमकी के पीछे कोई संगठित समूह तो नहीं है।
लोकतंत्र में विरोध और असहमति का स्थान है, लेकिन हिंसा और हत्या की धमकियां कानूनन गंभीर अपराध हैं। राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता को मिली इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।
