न्यूज स्कूप : बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ जहां बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, वहीं दूसरी ओर यह फिल्म एक गंभीर कानूनी विवाद में फंस गई है। फिल्म के एक डायलॉग को लेकर बलोच समुदाय के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई है और मामले को गुजरात हाईकोर्ट तक ले गए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म में इस्तेमाल की गई भाषा ‘हेट स्पीच’ की श्रेणी में आती है और इससे एक पूरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
फिल्म ‘धुरंधर’ में दिग्गज अभिनेता संजय दत्त, ‘चौधरी असलम’ नामक एक शक्तिशाली किरदार निभा रहे हैं। विवाद की जड़ उनका एक डायलॉग है जिसमें वह कहते हैं— “मगरमच्छ पर भरोसा कर सकते हैं, पर बलोच पर नहीं।”
गांधीनगर के निवासी यासीन बलोच और बनासकांठा के अयूब खान बलोच ने इस डायलॉग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि यह संवाद न केवल अपमानजनक है, बल्कि बलोच समुदाय को नकारात्मक रूप से टारगेट करता है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से निम्नलिखित राहत की अपील की है:
- डायलॉग हटाना या म्यूट करना: फिल्म के सभी वर्जन्स (सिनेमाघर, ओटीटी और सैटेलाइट) से इस विवादित डायलॉग को तुरंत हटाया जाए।
- CBFC सर्टिफिकेट में बदलाव: सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को आदेश दिया जाए कि वह फिल्म का दोबारा रिव्यू करे और सर्टिफिकेट को तब तक होल्ड पर रखे जब तक आपत्तिजनक हिस्सा हटा न दिया जाए।
- संवैधानिक मर्यादा: याचिका में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मामले पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी तय है।
भले ही फिल्म प्रोपेगैंडा के आरोपों और कानूनी याचिकाओं का सामना कर रही है, लेकिन दर्शकों के बीच इसका क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
- रिकॉर्ड तोड़ कमाई: ‘धुरंधर’ साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। इसने ‘कांतारा चैप्टर 1’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को पीछे छोड़ दिया है।
- घरेलू बॉक्स ऑफिस: रिलीज के महज 19 दिनों में फिल्म ने भारत में करीब 590 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है।
- वर्ल्डवाइड धमाका: वैश्विक स्तर पर फिल्म 907 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। ट्रेड जानकारों का मानना है कि यह फिल्म इसी हफ्ते 1000 करोड़ के क्लब में शामिल होकर ‘ऑल टाइम टॉप 10’ फिल्मों की सूची में अपनी जगह बना लेगी।
डायरेक्टर आदित्य धर और उनकी टीम की ओर से फिलहाल कानूनी याचिका पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, फिल्म के समर्थक इसे एक फिक्शनल ड्रामा बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे संवेदनशील समुदायों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना चित्रण करार दे रहे हैं। गुजरात हाईकोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि फिल्म के प्रदर्शन पर कोई असर पड़ेगा या इसे केवल एक डिस्क्लेमर के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
