न्यूज स्कूप : महाराष्ट्र में आगामी बीएमसी (BMC) चुनावों की आहट ने सियासी गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के एक विवादित बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। चव्हाण ने लातूर में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय विलासराव देशमुख की यादों को ‘मिटा देने’ की बात कही थी, जिस पर अब उनके बेटे और मशहूर अभिनेता रितेश देशमुख (Riteish Deshmukh) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
रितेश देशमुख ने अपने पिता के सम्मान में एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जो अब इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है।
भाजपा अध्यक्ष के बयान के बाद रितेश देशमुख ने इंस्टाग्राम पर मराठी में एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने शांत लेकिन दृढ़ लहजे में कहा:
“मेरे पिता स्वर्गीय विलासराव देशमुख केवल एक नेता नहीं थे, वे लातूर के लोगों के मन में बसे हैं। जो व्यक्ति अपनी पूरी जिंदगी जनता की सेवा में खपा देता है, उसका नाम कागजों पर नहीं बल्कि लोगों के दिलों पर लिखा होता है। ऐसी यादों को दुनिया की कोई भी ताकत नहीं मिटा सकती।” – रितेश देशमुख
इस वीडियो के सामने आने के बाद विलासराव देशमुख के समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच रितेश के प्रति सहानुभूति की लहर देखी जा रही है।
सोमवार (5 जनवरी 2026) को लातूर में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए रवींद्र चव्हाण ने आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने वहां मौजूद भीड़ से हाथ उठवाकर जोश भरते हुए कहा था, “आपका उत्साह देखकर मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें अब इस शहर (लातूर) से मिटा दी जाएंगी।” इस बयान के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाई थीं, लेकिन जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, कांग्रेस ने इसे दिवंगत नेता का अपमान बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भाजपा अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस ने तुरंत मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि विलासराव देशमुख ने लातूर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
- अहंकार: कांग्रेस के अनुसार, भाजपा नेताओं के ऐसे बयान उनके अहंकार और महाराष्ट्र के विकास पुरुष रहे देशमुख के प्रति उनकी अज्ञानता को दर्शाते हैं।
- विरासत: पार्टी ने कहा कि लातूर का बच्चा-बच्चा जानता है कि वहां का विकास विलासराव जी की देन है। भाजपा केवल ‘नाम’ बदलने और ‘यादें’ मिटाने की राजनीति कर रही है।
महाराष्ट्र में बीएमसी चुनावों से पहले शुरू हुआ यह ‘विरासत युद्ध’ आने वाले दिनों में और भी गहरा सकता है। जहाँ भाजपा लातूर में देशमुख परिवार के वर्चस्व को चुनौती देना चाहती है, वहीं रितेश देशमुख के इस बयान ने भाजपा के खिलाफ एक भावनात्मक माहौल तैयार कर दिया है।
