न्यूज स्कूप : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा और रणनीतिक संगठनात्मक बदलाव किया है। दरभंगा शहर से लगातार विधायक चुने जा रहे संजय सरावगी को बिहार बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल की जगह यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। संजय सरावगी की नियुक्ति से बिहार भाजपा के भीतर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की उम्मीद है।
संजय सरावगी पार्टी का एक प्रमुख वैश्य चेहरा माने जाते हैं। उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना बिहार की सामाजिक और चुनावी गणित के लिहाज़ से बहुत अहम माना जा रहा है।
- मजबूत जनाधार: सरावगी फरवरी 2005 से लगातार दरभंगा शहरी सीट से विधायक हैं, जिससे इस क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ साबित होती है।
- प्रशासनिक अनुभव: वे पिछली एनडीए सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, जिससे उनके पास प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों तरह का गहरा अनुभव है।
- वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व: पार्टी के भीतर उन्हें वैश्य समाज के एक प्रभावशाली चेहरे के तौर पर देखा जाता है। उनकी नियुक्ति से बीजेपी का लक्ष्य सामाजिक समीकरणों को और अधिक मजबूत करना है।
संजय सरावगी का सियासी सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ और धीरे-धीरे वे राज्य के एक प्रमुख नेता बनकर उभरे:
- छात्र राजनीति: उन्होंने 10 वर्षों तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के विभिन्न पदों पर सक्रिय रूप से कार्य किया।
- पार्टी में प्रमुख पद:
- 1999 में वे भाजयुमो (BJP युवा मोर्चा) के जिला मंत्री बने।
- 2001 में दरभंगा नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष रहे।
- 2003 में दरभंगा जिला भाजपा के महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
- विधायक के तौर पर सफलता: वह 2005 से 2025 तक लगातार छह बार दरभंगा सदर विधानसभा से विधायक चुने गए हैं। उन्होंने पहली बार फरवरी 2005 में चुनाव जीता और इसके बाद नवंबर 2005, 2010, 2015 और 2020 में भी जीत हासिल की।
- सरकारी पद: वह फरवरी 2025 से बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
- संगठनात्मक अनुभव: उन्होंने बिहार प्रदेश भाजपा गौवंश प्रकोष्ठ के संयोजक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और कई जिलों में संगठन चुनाव प्रभारी और सदस्यता प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्य किए हैं।
सरावगी के अनुभव और मजबूत जनाधार को देखते हुए, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर, उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
