न्यूज स्कूप : यदि आप देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बैंक ने अपनी एटीएम (ATM) सेवाओं से जुड़े शुल्कों में संशोधन किया है। नए नियमों के अनुसार, अब निर्धारित फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद एटीएम का इस्तेमाल करना आपकी जेब पर भारी पड़ेगा।
बैंक ने इंटरचेंज फीस में हुई हालिया बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कैश विड्रॉल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (जैसे बैलेंस चेक करना) दोनों के लिए चार्जेस बढ़ा दिए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि अब आपको अपनी मेहनत की कमाई के लिए कितना अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
एसबीआई के नए नियम के तहत, यदि आप एक महीने में मिलने वाली मुफ्त ट्रांजैक्शन सीमा को पार कर लेते हैं, तो निम्नलिखित चार्जेस लागू होंगे:
- कैश विड्रॉल (Cash Withdrawal): फ्री लिमिट खत्म होने के बाद दूसरे बैंक के एटीएम से कैश निकालने पर अब आपको ₹23 (GST मिलाकर) देने होंगे। पहले यह शुल्क ₹21 था।
- नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन (Non-Financial Transaction): यदि आप केवल बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं, तो फ्री लिमिट के बाद इसके लिए आपको ₹11 का भुगतान करना होगा।
एसबीआई अपने बचत खाता (Savings Account) धारकों को मौजूदा नियमों के अनुसार सुविधा देना जारी रखेगा:
- मेट्रो शहर: मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों में ग्राहकों को अन्य बैंकों के एटीएम पर हर महीने 3 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं।
- गैर-मेट्रो शहर: अन्य शहरों में दूसरे बैंकों के एटीएम पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा बरकरार है।
- एसबीआई एटीएम: अपने ही बैंक के एटीएम पर उपयोग की सीमा खाते के प्रकार (एवरेज बैलेंस) के आधार पर तय होती है।
राहत की बात यह है कि बैंक ने इस बढ़ोत्तरी से कुछ विशेष श्रेणियों को बाहर रखा है:
- BSBD अकाउंट: बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारकों पर ये नए नियम लागू नहीं होंगे।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): केसीसी अकाउंट होल्डर्स को भी इस मूल्य वृद्धि से छूट दी गई है।
- डेबिट कार्ड होल्डर्स: कुछ विशेष प्रीमियम डेबिट कार्ड धारकों के लिए जो नियम पहले थे, वही प्रभावी रहेंगे।
| ट्रांजैक्शन का प्रकार | पुराना चार्ज (अनुमानित) | नया चार्ज (GST सहित) |
| कैश विड्रॉल (लिमिट के बाद) | ₹21 | ₹23 |
| बैलेंस इंक्वायरी/स्टेटमेंट | ₹8 – ₹9 | ₹11 |
| फ्री लिमिट (अन्य बैंक) | 5 ट्रांजैक्शन | 5 ट्रांजैक्शन |
बैंकों द्वारा चार्जेस बढ़ाए जाने के पीछे मुख्य कारण ‘इंटरचेंज फीस’ में हुई वृद्धि है। ऐसे में अनावश्यक खर्च से बचने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- डिजिटल पेमेंट का उपयोग: छोटी-छोटी नगदी जरूरतों के लिए UPI या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करें ताकि एटीएम ट्रांजैक्शन की लिमिट बची रहे।
- एक बार में अधिक निकासी: बार-बार कम राशि निकालने के बजाय एक ही बार में अपनी आवश्यकतानुसार राशि निकालें।
- एसबीआई एटीएम को प्राथमिकता: अन्य बैंक के एटीएम के बजाय एसबीआई के अपने एटीएम का उपयोग करना अधिक किफायती हो सकता है।
एसबीआई के इस फैसले से उन ग्राहकों को थोड़ी असुविधा हो सकती है जो नगद लेन-देन के लिए पूरी तरह एटीएम पर निर्भर हैं। हालांकि, डिजिटल इंडिया के दौर में बैंक का यह कदम ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
