न्यूज स्कूप : भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के रिसर्च विभाग ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट (Issue #35, FY26) में दावा किया है कि भारत वर्ष 2030 तक ‘अपर मिडिल इनकम’ (Upper Middle-Income) देश बनने की राह पर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की नॉमिनल जीडीपी और प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (Per Capita GNI) में हो रही संरचनात्मक वृद्धि इस बड़े बदलाव का मुख्य आधार है।
SBI रिसर्च के अनुसार, भारत न केवल अपनी प्रति व्यक्ति आय बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में भी तेज़ी से ऊपर चढ़ रहा है। अनुमान है कि 2028 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
SBI की रिपोर्ट बताती है कि भारत ने पिछले कुछ दशकों में आय के स्तर पर लंबी दूरी तय की है:
- 1962: भारत की प्रति व्यक्ति आय महज $90 थी।
- 2007: भारत लो-इनकम से लोअर मिडिल इनकम देश बना (प्रति व्यक्ति आय $910)।
- 2019: प्रति व्यक्ति आय $2,000 के स्तर पर पहुँची।
- 2026 (अनुमान): यह आय $3,000 तक पहुँचने का अनुमान है।
- 2030 (अनुमान): प्रति व्यक्ति आय $4,000 से $4,500 के बीच होगी, जो भारत को आधिकारिक तौर पर अपर मिडिल इनकम श्रेणी में खड़ा कर देगी।
विश्व बैंक देशों को उनकी प्रति व्यक्ति आय (GNI) के आधार पर चार श्रेणियों में बांटता है। SBI के अनुमानों के अनुसार, भारत जल्द ही अपनी वर्तमान श्रेणी बदल लेगा:
| श्रेणी (Income Group) | प्रति व्यक्ति आय सीमा (GNI) | भारत की स्थिति |
| लोअर मिडिल इनकम | $1,136 – $4,495 | वर्तमान (2026 तक) |
| अपर मिडिल इनकम | $4,496 – $13,935 | 2030 तक लक्ष्य |
| हाई इनकम | $13,936 से अधिक | 2047 तक लक्ष्य |
रिपोर्ट में भारत की वैश्विक रैंकिंग पर भी महत्वपूर्ण डेटा साझा किया गया है।
- चौथा स्थान: 1990 में 14वें स्थान पर रहने वाला भारत 2025 तक चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
- जर्मनी को पछाड़ेगा भारत: अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2028 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर काबिज हो जाएगा।
- ट्रिलियन डॉलर का सफर: भारत FY28 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और FY36 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
SBI रिसर्च के अनुसार, यदि भारत अपनी मौजूदा विकास दर को बनाए रखता है, तो आजादी के 100वें वर्ष (2047) तक वह ‘हाई इनकम’ (High-Income) यानी विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की वृद्धि अब केवल संख्यात्मक नहीं बल्कि संरचनात्मक (Structural) है, जो इसे वैश्विक विकास के शीर्ष पर बनाए रखेगी।
SBI की यह रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की आर्थिक नीतियां और घरेलू खपत उसे एक नई वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही हैं। 2030 तक मध्यम आय वर्ग के ऊपरी स्तर पर पहुँचना करोड़ों भारतीयों के जीवन स्तर में बड़े सुधार का संकेत है।
