न्यूज स्कूप : भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में इस सप्ताह गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन, बुधवार 21 जनवरी 2026 को बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50, दोनों ही लाल निशान पर ओपन हुए। वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों और घरेलू बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली के चलते निवेशकों के बीच सावधानी का रुख देखा जा रहा है।
सुबह जब बाजार खुला, तो इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई:
- बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex): 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 385.82 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,794.65 के स्तर पर खुला।
- एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50): निफ्टी 50 इंडेक्स 91.50 अंक या 0.36 फीसदी फिसलकर 25,141.00 के लेवल पर ओपन हुआ।
शुरुआती 15 मिनट के कारोबार में बाजार ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन दबाव इतना अधिक था कि इंडेक्स दोबारा लाल निशान पर आ गए। सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स 124 अंक गिरकर 82,055 और निफ्टी 18 अंक गिरकर 25,213 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई, जबकि दिग्गज शेयरों में बिकवाली रही:
बीएसई के टॉप गेनर्स (Top Gainers):
- सन फार्मा: हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती।
- इटरनल: पिछले दिन की गिरावट के बाद रिकवरी।
- टेक महिंद्रा: आईटी सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी।
- आईटीसी (ITC): डिफेंसिव शेयरों में निवेशकों का भरोसा।
बीएसई के टॉप लूजर्स (Top Losers):
- आईसीआईसीआई बैंक: सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल।
- ट्रेंट (Trent): लगातार दूसरे दिन दबाव।
- एशियन पेंट्स: कंजम्पशन डिमांड में सुस्ती का असर।
- एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): बैंकिंग सेक्टर की बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
मंगलवार का दिन भारतीय निवेशकों के लिए काफी भारी रहा था। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई थी:
- सेंसेक्स 1065.71 अंक (1.28%) की भारी गिरावट के साथ 82,180.47 पर बंद हुआ था।
- निफ्टी 50 ने 353 अंक (1.38%) गंवाए थे और 25,232.50 पर बंद हुआ था।
- स्थिति: मंगलवार को बीएसई बास्केट के 30 में से 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए थे, जो बाजार की कमजोरी को साफ दर्शाता है। निफ्टी मिडकैप, स्मॉलकैप और ऑटो इंडेक्स में भी 1% से ज्यादा की गिरावट थी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक सपोर्ट के रूप में काम करेगा। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार में गिरावट और बढ़ सकती है। बैंकिंग और आईटी इंडेक्स पर फिलहाल दबाव बना हुआ है, ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे लार्ज-कैप शेयरों में सतर्कता के साथ निवेश करें और स्टॉप-लॉस का पालन करें।
लगातार दूसरे दिन की गिरावट ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कॉरपोरेट अर्निंग्स के इंतज़ार में बाजार फिलहाल किसी बड़े उछाल के संकेत नहीं दे रहा है।
