न्यूज स्कूप : भारतीय कमोडिटी मार्केट (MCX) में शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को उस समय हड़कंप मच गया जब पिछले कई दिनों से आसमान छू रही चांदी की कीमतें अचानक धराशाई हो गई। महज 24 घंटे पहले 4.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने वाली चांदी एक ही झटके में करीब 80,000 रुपये नीचे आ गई। बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि चांदी में लोअर सर्किट लग गया, जिससे निवेशकों और व्यापारियों में खलबली मच गई।
चांदी की इस गिरावट ने सोने को भी अपनी लपेट में ले लिया और पीली धातु की कीमतों में भी भारी कमी दर्ज की गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को चांदी की चाल पूरी तरह पलट गई:
- लोअर सर्किट का असर: चांदी की कीमतों में सीधे 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। भारी बिकवाली के कारण दाम ₹59,983 प्रति किलो टूट गए।
- ताजा भाव: इस गिरावट के बाद चांदी अब 3,39,910 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
- रिकॉर्ड से तुलना: गुरुवार को चांदी ने ₹4,20,048 का ऑल-टाइम हाई छुआ था। अगर उस रिकॉर्ड स्तर से आज की तुलना करें, तो चांदी की चमक ₹80,000 प्रति किलो से ज्यादा फीकी पड़ गई है।
सोने ने भी पिछले सत्र के रिकॉर्ड स्तरों से हाथ धो लिए हैं:
- गिरावट की शुरुआत: MCX पर सोना ₹1,83,962 (पिछले बंद भाव) के मुकाबले ₹1,80,499 पर खुला।
- बिकवाली का दबाव: जैसे-जैसे दिन चढ़ा, सोने में बिकवाली तेज हो गई और कीमतें 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर गईं।
- ताजा भाव: गुरुवार को ₹1,93,096 का रिकॉर्ड बनाने वाला सोना शुक्रवार शाम तक 1,69,652 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक नीचे आ गया।
| मेटल | रिकॉर्ड भाव (29 Jan) | ताजा भाव (30 Jan) | कुल गिरावट |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹4,20,048 | ₹3,39,910 | ~₹80,000 |
| सोना (प्रति 10 ग्राम) | ₹1,93,096 | ₹1,69,652 | ~₹23,400 |
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में हुई अकल्पनीय बढ़त के बाद यह एक ‘प्राइस करेक्शन’ है।
- प्रॉफिट बुकिंग: कीमतें ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी, जिससे अचानक सप्लाई बढ़ गई और मांग घट गई।
- मार्जिन दबाव: कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण एक्सचेंज ने मार्जिन बढ़ा दिया था, जिससे छोटे व्यापारियों को अपनी पोजीशन काटनी पड़ी।
- वैश्विक संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले की अनिश्चितता ने भी कीमती धातुओं पर दबाव डाला।
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह सुनामी उन खरीदारों के लिए राहत लेकर आई है जो शादियों के सीजन के लिए आभूषण खरीदने की योजना बना रहे थे। हालांकि, वायदा बाजार (MCX) के निवेशकों के लिए यह दिन काफी नुकसानदेह साबित हुआ है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
