न्यूज स्कूप : कमोडिटी बाजार के इतिहास में सोमवार (29 दिसंबर, 2025) का दिन बेहद हलचल भरा रहा। एक तरफ जहाँ चांदी ने सुबह के सत्र में 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time High) छूकर निवेशकों को गदगद कर दिया, वहीं महज एक घंटे के भीतर आई जबरदस्त गिरावट ने सबको हैरान कर दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में इंट्रा-डे कारोबार के दौरान करीब 21,000 रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद चांदी लुढ़ककर 2,33,120 रुपये के नीचे आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में आए अचानक बदलाव और बड़े निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली का परिणाम है।
चांदी और सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली धातुओं में इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर आए सकारात्मक संकेत हैं।
- सकारात्मक संवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के बीच हुई हालिया बातचीत ने निवेशकों के बीच यह उम्मीद जगाई है कि युद्ध समाप्ति की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
- जोखिम लेने की धारणा: जैसे ही युद्ध विराम के संकेत मिले, निवेशकों ने अपना पैसा ‘सेफ हेवन’ (Safe Haven) मानी जाने वाली चांदी से निकालकर जोखिम वाले एसेट्स जैसे शेयर बाजार में लगाना शुरू कर दिया।
वैश्विक बाजार में भी चांदी की चमक ने आज कई रिकॉर्ड तोड़े और फिर ढह गए।
- शुरुआती उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई थी। एक समय यह 82.67 डॉलर तक पहुँच गई थी।
- तेज फिसलन: हालांकि, मुनाफावसूली (Profit Booking) के दबाव में दाम तेजी से नीचे आए और यह 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गए।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी का रुख बना हुआ है, हालांकि यहाँ उतार-चढ़ाव चांदी के मुकाबले थोड़ा स्थिर रहा।
- MCX गोल्ड: फरवरी 2026 डिलीवरी वाला सोना 1,40,230 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया।
- ग्लोबल गोल्ड: कॉमेक्स (Comex) पर सोने का वायदा भाव 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,536.80 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड पर पहुँच गया।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट एक ‘टेक्निकल करेक्शन’ भी हो सकती है, क्योंकि पिछले छह सत्रों से इसमें लगातार रिकॉर्ड तेजी देखी जा रही थी। हालांकि, औद्योगिक मांग (Industrial Demand) अभी भी मजबूत है, जो लंबी अवधि में चांदी को समर्थन दे सकती है। लेकिन फिलहाल, ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति और युद्ध विराम की खबरों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी रहेगी।
यदि आप चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बाजार में इस अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) को देखते हुए सावधानी बरतें। कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकता है।
