न्यूज स्कूप : स्मार्टफोन की सेटिंग्स में एक छोटा सा आइकन बना होता है—हवाई जहाज का। जिसे हम एयरप्लेन मोड (Airplane Mode) या ‘फ्लाइट मोड’ के नाम से जानते हैं। जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट है, इसका प्राथमिक उपयोग हवाई यात्रा के दौरान फोन के सिग्नल्स को बंद करने के लिए किया जाता है ताकि विमान के नेविगेशन सिस्टम में कोई बाधा न आए।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फीचर सिर्फ बादलों के ऊपर ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद काम का है? चाहे आपको अपनी बैटरी बचानी हो, काम पर फोकस करना हो या फोन को जल्दी चार्ज करना हो, एयरप्लेन मोड एक ‘सुपर टूल’ की तरह काम करता है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके 7 अनोखे फायदे।
अगर आप जल्दी में हैं और चाहते हैं कि आपका फोन कम समय में ज्यादा चार्ज हो जाए, तो उसे Airplane Mode पर डालकर चार्जिंग पर लगा दें। जब यह मोड ऑन होता है, तो फोन की रेडियो फ्रीक्वेंसी, ब्लूटूथ और वाई-फाई जैसी सेवाएं बंद हो जाती हैं। इससे बैकग्राउंड में ऊर्जा की खपत रुक जाती है और पूरी बिजली बैटरी को भरने में इस्तेमाल होती है।
जब आप ऐसी जगह होते हैं जहाँ मोबाइल सिग्नल बहुत कमजोर होते हैं, तो आपका फोन लगातार टावर से जुड़ने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में बैटरी बहुत तेजी से खत्म होती है। ऐसे समय में एयरप्लेन मोड ऑन करने से फोन सिग्नल ढूंढना बंद कर देता है, जिससे आपकी बैटरी घंटों तक चल सकती है।
आजकल सोशल मीडिया नोटिफिकेशन और कॉल्स हमारा ध्यान भटकाने का सबसे बड़ा कारण हैं। पढ़ाई या ऑफिस के जरूरी काम के दौरान एयरप्लेन मोड ऑन करना आपको एक ‘डिस्ट्रैक्शन फ्री’ माहौल देता है। यह बिना पूरी तरह फोन बंद किए आपको मानसिक शांति और एकाग्रता प्रदान करता है।
जब आप बच्चों को गेम खेलने या वीडियो देखने के लिए फोन देते हैं, तो हमेशा डर रहता है कि वे गलती से किसी को कॉल न कर दें या इंटरनेट पर कोई गलत विज्ञापन न देख लें। एयरप्लेन मोड ऑन करने से फोन ऑफलाइन हो जाता है, जिससे अनचाहे कॉल्स और इन-ऐप खरीदारी का खतरा टल जाता है।
कई बार हमारे फोन में नेटवर्क होने के बावजूद इंटरनेट नहीं चलता या कॉल ड्रॉप होती है। ऐसे में फोन रीस्टार्ट करने के बजाय बस 10 सेकंड के लिए Airplane Mode ऑन करके ऑफ करें। यह आपके नेटवर्क को रीफ्रेश कर देता है और ज्यादातर समय समस्या तुरंत ठीक हो जाती है।
पब्लिक वाई-फाई या भीड़भाड़ वाली जगहों पर डेटा हैकिंग और लोकेशन ट्रैकिंग का खतरा रहता है। जब आप अपने फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हों, तो उसे एयरप्लेन मोड पर डालना आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने का एक आसान तरीका है, क्योंकि यह सभी वायरलेस कम्यूनिकेशन को काट देता है।
एयरप्लेन मोड सिर्फ एक तकनीकी जरूरत नहीं, बल्कि एक लाइफ-हैक है। इसे सही समय पर इस्तेमाल करके आप न केवल अपने फोन की उम्र बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी उत्पादकता (Productivity) को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। तो अगली बार जब फोन स्लो हो या काम का बोझ ज्यादा, तो बस एक क्लिक करें और ‘फ्लाइट मोड’ का जादू देखें!
