न्यूज स्कूप : जहां आमतौर पर कर्मचारियों को देर से आने के लिए फटकार मिलती है या नौकरी से निकाला जाता है, वहीं स्पेन में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कंपनी ने एक 22 वर्षीय महिला कर्मचारी को सिर्फ इसलिए बर्खास्त कर दिया क्योंकि वह अपने बॉस के मना करने के बावजूद रोजाना समय से पहले ऑफिस पहुंच जाती थी।
यह घटना भारत जैसे देशों के कार्य संस्कृति से पूरी तरह अलग है, जहां समय से पहले पहुंचना अक्सर समर्पण का प्रतीक माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह युवती जिस कंपनी में काम करती थी, उसकी शिफ्ट सुबह 7:30 बजे शुरू होती थी। इसके बावजूद, वह लगभग हर दिन 6:45 बजे या 7:00 बजे ऑफिस पहुंच जाती थी।
- बॉस की चेतावनी: बॉस ने उसे कई बार स्पष्ट रूप से समझाया था कि वह इस समय कोई काम नहीं कर सकती, और उसे अपनी तय शिफ्ट के अनुसार ही ‘क्लॉक इन’ (काम शुरू करना) करना होगा।
- बदलाव से इनकार: इन मौखिक चेतावनियों के बावजूद, महिला ने अपनी आदत नहीं बदली और लगातार जल्दी पहुंचती रही।
आखिरकार कंपनी ने इसे वरिष्ठों के निर्देशों की गंभीर अनदेखी (Disregard of Instructions) मानते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया।
नौकरी खोने के बाद महिला ने अदालत का रुख किया और कंपनी पर गलत ढंग से बर्खास्त करने का आरोप लगाया। हालांकि, कंपनी ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा।
- लिखित और मौखिक चेतावनी: कंपनी ने बताया कि उन्होंने महिला को केवल एक बार नहीं, बल्कि कई मौखिक और लिखित चेतावनियां दी थीं।
- अंतिम चेतावनी के बाद भी अवहेलना: कंपनी के मुताबिक, अंतिम चेतावनी मिलने के बाद भी वह करीब 19 दिनों तक रोजाना जल्दी पहुंचती रही। इतना ही नहीं, कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उसने ऑफिस पहुंचे बिना ही अटेंडेंस ऐप में लॉग इन करने की कोशिश भी की थी।
- टीम का कामकाज प्रभावित: कंपनी का कहना था कि असल समस्या जल्दी आना नहीं था, बल्कि बार-बार अपने सीनियरों के निर्देशों का पालन न करना था। उनके मुताबिक, कर्मचारी का समय से पहले आ जाना टीम के पूरे कामकाज और व्यवस्था को प्रभावित कर रहा था।
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के बाद कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया।
- कानून का उल्लंघन: कोर्ट ने कहा कि महिला का यह व्यवहार स्पेनिश वर्कर्स कानून के आर्टिकल 54 का गंभीर उल्लंघन है।
- फैसले का आधार: कोर्ट के अनुसार, किसी कर्मचारी द्वारा बार-बार निर्देशों को अनदेखा करना एक गंभीर गलती मानी जाती है और इस आधार पर कंपनी द्वारा उठाया गया बर्खास्तगी का कदम उचित है।
- राहत से इनकार: अदालत ने महिला को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
महिला इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और उसका कहना है कि उसे गलत तरीके से नौकरी से हटाया गया है। उसने यह भी साफ किया है कि वह अब वैलेंसिया की सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
