न्यूज स्कूप : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की मानहानि मामले से जुड़ी एक अहम याचिका पर सुनवाई टाल दी है। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. के. सिंह की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल, 2026 की तिथि निर्धारित की है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कई कानूनी पहलुओं पर विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है, इसलिए इसे ‘नियमित मामलों’ (Regular Matters) वाले दिन सुना जाना उचित होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निचली अदालत की कार्यवाही पर लगाई गई रोक फिलहाल जारी रहेगी।
यह मामला साल 2018 के एक संवाददाता सम्मेलन (Press Conference) से शुरू हुआ था:
- आरोप: आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर चुनाव आयोग ने दिल्ली के करीब 30 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं। इनमें विशेष रूप से बनिया, पूर्वांचली और मुस्लिम समुदायों के नाम शामिल होने की बात कही गई थी।
- शिकायत: भाजपा की दिल्ली इकाई की ओर से राजीव बब्बर ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि इन झूठे आरोपों से भाजपा की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुँचा है।
सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य कानूनी चुनौती दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 199 की व्याख्या को लेकर है।
- कोर्ट का सवाल: क्या कोई राजनीतिक दल या उसका प्रतिनिधि ‘असंतुष्ट व्यक्ति’ (Aggrieved Person) की परिभाषा के अंतर्गत आता है?
- AAP का तर्क: केजरीवाल और अन्य नेताओं का कहना है कि उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है और निचली अदालत ने उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने में गलती की है।
- हाईकोर्ट का रुख: इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट का मानना था कि आरोप प्रथम दृष्टया मानहानिकारक हैं और अनुचित राजनीतिक लाभ के लिए लगाए गए थे।
| तारीख | घटनाक्रम |
| 15 मार्च, 2019 | मजिस्ट्रेट अदालत ने AAP नेताओं को आरोपी के रूप में तलब किया। |
| 28 जनवरी, 2020 | सत्र न्यायालय ने मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को बरकरार रखा। |
| 30 सितंबर, 2024 | सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया और निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई। |
| 27 जनवरी, 2026 | सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 21 अप्रैल, 2026 तक के लिए स्थगित की। |
सुनवाई के दौरान आप नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा पेश हुईं। उन्होंने पीठ से अनुरोध किया कि मामले को विस्तृत बहस के लिए मंगलवार, बुधवार या गुरुवार (नियमित सुनवाई के दिन) को रखा जाए। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दलील दी कि शिकायतकर्ता को उसकी पार्टी ने कानूनी रूप से अधिकृत किया है।
अरविंद केजरीवाल और आतिशी के लिए यह राहत की बात है कि उन्हें फिलहाल निचली अदालत में पेश नहीं होना पड़ेगा। हालांकि, 21 अप्रैल को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि क्या राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए आरोपों को ‘व्यक्तिगत मानहानि’ के दायरे में रखा जा सकता है या नहीं। यह फैसला भविष्य में भारतीय राजनीति में ‘भाषण की स्वतंत्रता’ और ‘मानहानि’ के बीच की लकीर को स्पष्ट करेगा।
