11 Mar 2026, Wed
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न्यूज स्कूप : बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का पर्व केवल दही-चूड़ा खाने का अवसर नहीं, बल्कि बड़े राजनीतिक संदेश देने का जरिया रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आज अपने पटना स्थित सरकारी आवास पर भव्य भोज का आयोजन किया।

90 के दशक में लालू यादव ने जिस ‘चूड़ा-दही भोज’ की शुरुआत कर इसे राजकीय सुर्खियों में लाया था, आज उसी विरासत को तेज प्रताप अपने अंदाज में संजोते नजर आए। हालांकि, इस बार राजद (RJD) सुप्रीमो के घर पर कोई बड़ा आयोजन नहीं था, इसलिए सबकी निगाहें तेज प्रताप के आवास पर टिकी थीं।

पिता की सेवा और भावुक पल

भोज के दौरान एक ऐसा नजारा दिखा जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। जब लालू प्रसाद यादव कार्यक्रम में पहुंचे, तो तेज धूप के कारण उनकी आंखों में परेशानी हो रही थी। राजद चीफ ने धूप से बचने के लिए अपने सिर पर हाथ रखा हुआ था।

पिता की तकलीफ देखते ही तेज प्रताप तुरंत सक्रिय हुए। उन्होंने बिना देरी किए अपने सहयोगियों से गमछे जैसा एक कपड़ा मंगवाया और खुद उसे लालू यादव के सिर पर रखा ताकि उन्हें धूप से राहत मिल सके। पिता के प्रति इस समर्पण की चर्चा राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। गौरतलब है कि साल 2025 में लालू यादव ने तेज प्रताप को पार्टी और घर से निष्कासित कर दिया था, लेकिन आज की तस्वीरों ने रिश्तों की नई गर्माहट दिखाई है।

दिग्गज मेहमान और ‘शक्ति प्रदर्शन’

तेज प्रताप यादव ने इस भोज के माध्यम से एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी किया है। उन्होंने महागठबंधन के साथ-साथ एनडीए (NDA) के तमाम बड़े नेताओं को भी आमंत्रित किया है।

भोज में शामिल प्रमुख हस्तियां:

  • लालू प्रसाद यादव (राजद प्रमुख)
  • आरिफ मोहम्मद (राज्यपाल)
  • पशुपति पारस (RLJP प्रमुख)
  • साधु यादव और प्रभुनाथ यादव (तेज प्रताप के मामा)
  • चेतन आनंद (जदयू विधायक)

माना जा रहा है कि तेज प्रताप यादव एनडीए के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मकर संक्रांति के ठीक बाद वे कोई बड़ा राजनैतिक फैसला ले सकते हैं, जो बिहार की सत्ता के समीकरणों को बदल सकता है।

बिहार राजनीति: मकर संक्रांति का इतिहास

बिहार में मकर संक्रांति अक्सर ‘सियासी खेला’ का गवाह रही है:

वर्षप्रमुख घटना
90 का दशकलालू यादव ने भोज के जरिए सामाजिक और राजनीतिक गोलबंदी शुरू की।
2017/2022दही-चूड़ा के आयोजनों के इर्द-गिर्द ही गठबंधन बदलने की चर्चाएं शुरू हुई थीं।
2026तेज प्रताप की एनडीए से संभावित नजदीकियां नया मोड़ ला सकती हैं।

रील का जुनून पड़ा भारी: बांका की दुर्घटना

इसी बीच बिहार के बांका से एक दुखद खबर भी सामने आई। रील बनाने के जुनून में एक युवक-युवती हादसे का शिकार हो गए। शादी से कुछ ही दिन पहले दोनों बाइक से रील बना रहे थे, तभी उनकी बाइक एक खंभे से टकरा गई। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना युवाओं के बीच बढ़ते सोशल मीडिया क्रेज के खतरनाक पहलुओं को उजागर करती है।

तेज प्रताप यादव का यह भोज आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। क्या लालू का ‘लाल’ एनडीए का दामन थामेगा या यह केवल पिता-पुत्र के मिलन का एक पारिवारिक अवसर था? इस पर फिलहाल सस्पेंस बरकरार है।

By News Scoop Desk

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