न्यूज़ स्कूप/ नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा आघात पहुंचाने वाली खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar का बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में उनके साथ मौजूद पर्सनल असिस्टेंट, सुरक्षाकर्मी और विमान स्टाफ सहित कुल पांच लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अजित पवार मुंबई से चार्टर्ड विमान के जरिए बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें पंचायत चुनाव के सिलसिले में एक जनसभा को संबोधित करना था। सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया, जिसके बाद यह भीषण हादसा हुआ। मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमों ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन सभी यात्रियों को बचाया नहीं जा सका।
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक सशक्त, निर्णायक और रणनीतिक नेता के रूप में पहचाने जाते थे। सत्ता का अनुभव उन्हें विरासत में मिला, लेकिन प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक कौशल के दम पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और अलग-अलग सरकारों में कई बार उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाई।
22 जुलाई 1959 को जन्मे अजित पवार ने बेहद कम उम्र में राजनीति में कदम रखा। बारामती विधानसभा सीट को उन्होंने अपना अभेद्य गढ़ बनाया और यहां से लगातार कई बार जीत दर्ज की। वित्त, सिंचाई और जल संसाधन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने राज्य की नीतियों और बजट फैसलों में प्रभावी भूमिका निभाई।
राजनीतिक रूप से वे अपने चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार के करीबी रहे, लेकिन समय के साथ मतभेद उभरे और उन्होंने अलग राजनीतिक राह चुनी। यह कदम जोखिम भरा माना गया, पर उनकी संगठनात्मक पकड़ और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें राज्य की राजनीति में मजबूत बनाए रखा।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति का जायजा लिया और सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने अजित पवार को जमीनी स्तर से जुड़े, मेहनती और प्रशासनिक समझ रखने वाले नेता बताया और उनके असमय निधन को राज्य व देश के लिए बड़ी क्षति कहा।
इस दुखद घटना के बाद महाराष्ट्र भर में शोक की लहर है। राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और समर्थकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। परिवार के सदस्य और वरिष्ठ नेता बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं।
