न्यूज स्कूप : राजस्थान के झीलों के शहर उदयपुर से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने कॉरपोरेट जगत और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी के सीईओ (CEO) ने अपनी ही महिला मैनेजर को नशीला पदार्थ देकर साथियों के साथ मिलकर गैंगरेप का शिकार बनाया। वारदात को अंजाम देने के लिए ‘आफ्टर पार्टी’ का जाल बुना गया और चलती कार में करीब सवा तीन घंटे तक दरिंदगी की गई।
हालांकि, आरोपियों की एक छोटी सी गलती उनके लिए गले की फांस बन गई। कार में लगा डैशकैम (Dashcam) पूरी वारदात का गवाह बन गया और उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग ने पुलिस के सामने सच की परतें खोल दीं।
घटना 20 दिसंबर 2025 की रात की है। उदयपुर की GKM IT प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक और सीईओ जितेश सिसोदिया उर्फ जयेश ने एक होटल में अपना जन्मदिन और न्यू ईयर पार्टी आयोजित की थी।
- तबीयत बिगड़ना: पार्टी के दौरान पीड़िता (महिला मैनेजर) की तबीयत बिगड़ने लगी।
- आफ्टर पार्टी का झांसा: पीड़िता घर जाना चाहती थी, लेकिन कंपनी की एग्जीक्यूटिव हेड शिल्पा सिरोही ने उसे ‘आफ्टर पार्टी’ के लिए मना लिया।
- नशीला पदार्थ: पीड़िता को एक कार में बैठाया गया जिसमें जितेश और शिल्पा का पति गौरव सिरोही भी मौजूद थे। रास्ते में पीड़िता को जबरन नशीला पदार्थ पिलाया/स्मोक कराया गया, जिससे वह बेसुध हो गई।
पुलिस जांच के अनुसार, रात 1:45 बजे से सुबह 5:00 बजे के बीच आरोपियों ने चलती कार में पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
- विरोध को दबाया: पीड़िता ने होश आने पर विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने उसकी आवाज दबा दी।
- सबूत गायब करना: सुबह जब पीड़िता को घर के पास छोड़ा गया, तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे और उसके अंडरगारमेंट्स, ईयररिंग्स व मोजे गायब थे।
- डैशकैम रिकॉर्डिंग: होश आने पर पीड़िता ने उस कार की डैशकैम रिकॉर्डिंग हासिल की, जिसमें आरोपियों की बातचीत और पीड़िता के चीखने की आवाजें साफ सुनी जा सकती थीं। यही इस केस का सबसे पुख्ता सबूत बना।
पीड़िता ने 23 दिसंबर को हिम्मत जुटाकर उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसपी योगेश गोयल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी।
- गिरफ्तारी: 25 दिसंबर को पुलिस ने सीईओ जितेश सिसोदिया, गौरव सिरोही और शिल्पा सिरोही को गिरफ्तार कर लिया।
- रिमांड: न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
- फॉरेंसिक जांच: पुलिस डैशकैम के ऑडियो और पीड़िता के मेडिकल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
विवादित कंपनी GKM IT प्राइवेट लिमिटेड अपनी वेबसाइट पर खुद को महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित कार्यस्थल बताती है और इसकी रेटिंग 4.7/5 है। लेकिन सीईओ की इस करतूत ने इन दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जितेश सिसोदिया सुखाड़िया सर्किल के स्काई मरीना अपार्टमेंट का निवासी है और शहर के आईटी सेक्टर का जाना-माना नाम था। इस घटना के बाद से कंपनी के अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।
यह मामला वर्कप्लेस सेफ्टी और ऊंचे पदों पर बैठे लोगों की मानसिकता पर बड़ा प्रहार है। यदि पीड़िता ने बहादुरी दिखाते हुए डैशकैम के सबूत पेश न किए होते, तो शायद रसूखदार आरोपी इस मामले को दबा देते। अब पूरा शहर पीड़िता के लिए सख्त से सख्त सजा और न्याय की मांग कर रहा है।
