20 Feb 2026, Fri
Breaking

न्यूज स्कूप : भारत का केंद्रीय बजट 2026-27 इस बार इतिहास के पन्नों में कई नई वजहों से दर्ज होने जा रहा है। आमतौर पर बजट प्रक्रिया का नेतृत्व वित्त मंत्रालय के सबसे वरिष्ठ अधिकारी यानी वित्त सचिव (Finance Secretary) के हाथों में होता है, लेकिन इस साल स्थिति कुछ अलग है। पहली बार वित्त मंत्रालय बिना किसी औपचारिक वित्त सचिव के देश का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय लेखा-जोखा तैयार कर रहा है।

इतना ही नहीं, इस बार बजट की तारीख को लेकर भी विशेष चर्चा है। परंपरा के अनुसार बजट 1 फरवरी को पेश होता है, और साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार पड़ रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सरकार छुट्टी के दिन संसद सत्र बुलाकर बजट पेश करेगी या तारीख में कोई बदलाव होगा।

वित्त सचिव की गैर-मौजूदगी: क्या पड़ेगा असर?

वित्त सचिव का पद मंत्रालय में एक ‘धुरी’ की तरह होता है। इनका मुख्य कार्य व्यय, राजस्व और आर्थिक मामलों के विभागों के बीच सामंजस्य बिठाना होता है।

  • पद खाली होने की वजह: इस पद पर अंतिम बार अजय सेठ तैनात थे, जो 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए और वर्तमान में IRDAI के चेयरमैन हैं। उनसे पहले तुहिन कांता पांडे ने यह कमान संभाली थी।
  • वर्तमान स्थिति: सरकार ने अभी तक किसी नए वित्त सचिव के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, जिससे बजट टीम के शीर्ष पर एक खालीपन नजर आ रहा है।

बजट 2026 की ‘कोर टीम’ और कार्यप्रणाली

बिना वित्त सचिव के भी बजट मशीनरी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है। बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिम्मेदारी अब अलग-अलग विभागों के सचिवों और अनुभवी अधिकारियों के कंधों पर है:

विभागभूमिकाप्रमुख जिम्मेदारी
आर्थिक मामलों का विभागबजट का खाका तैयार करनाजीडीपी अनुमान और राजकोषीय घाटा लक्ष्य।
राजस्व विभागटैक्स प्रस्तावप्रत्यक्ष (CBDT) और अप्रत्यक्ष कर (CBIC) में बदलाव।
व्यय विभागफंड आवंटनमंत्रालयों और योजनाओं को पैसा बांटना।
DIPAMविनिवेश लक्ष्यसरकारी संपत्तियों की बिक्री से आय का लक्ष्य।

कैसे तैयार हो रहा है बजट?

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक नई टीम इस बार कमान संभाले हुए है। इनमें कई ऐसे अधिकारी शामिल हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसे वैश्विक संस्थानों में काम करने का लंबा अनुभव है।

  1. तालमेल: वित्त सचिव न होने के बावजूद, कैबिनेट सचिव और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सीधे तौर पर समन्वय की निगरानी कर रहे हैं।
  2. टैक्स सुधार: सीबीडीटी (CBDT) और सीबीआईसी (CBIC) के अध्यक्ष नए कानूनों और कर छूट की रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं।
  3. गुणवत्ता का दावा: सरकार का कहना है कि बजट की गुणवत्ता या समय-सीमा पर शीर्ष अधिकारी की कमी का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

रविवार और बजट का पेच

यदि सरकार 1 फरवरी (रविवार) को ही बजट पेश करती है, तो यह शेयर बाजार और आम जनता के लिए एक नया अनुभव होगा। आमतौर पर रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट के दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किए जा सकते हैं। इस फैसले से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि देश का आर्थिक कामकाज बिना किसी रुकावट के निरंतर चलता रहता है।

बजट 2026-27 न केवल आर्थिक सुधारों की दृष्टि से बल्कि प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से भी एक प्रयोग साबित होने वाला है। बिना ‘कैप्टन’ के यह टीम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कैसा ‘स्कोर’ खड़ा करती है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

By News Scoop Desk

News Scoop is a digital news platform that focuses on delivering exclusive, fast, verified and impactful stories to readers. Unlike traditional news portals that rely heavily on routine reports, a news scoop platform prioritizes breaking news, inside information, investigative leads, political developments, public interest stories and viral happenings fresh and first.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *