न्यूज स्कूप : भारत के केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अगले महीने वित्त मंत्रालय देश का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक दस्तावेज पेश करने जा रहा है। इस साल का बजट कई मायनों में अनूठा है। एक ओर जहाँ 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद बजट पेश किए जाने की प्रबल संभावना है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान वित्त मंत्री निमला सीतारमण एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुँच गई हैं।
वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण का यह नौवां (9th) बजट भाषण होगा। इसके साथ ही वह भारत के संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने वाले मंत्रियों की विशिष्ट सूची में शीर्ष स्थान की ओर बढ़ जाएंगी।
निर्मला सीतारमण ने अब तक अपने कार्यकाल में 2 अंतरिम बजट और 6 पूर्ण बजट (कुल 8) पेश किए हैं।
- 2025 का रिकॉर्ड: पिछले साल बजट पेश करते ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी (8 बजट) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
- 2026 का लक्ष्य: इस साल का बजट पेश करते ही वह प्रणब मुखर्जी को पीछे छोड़ देंगी और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के 9 बजटों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में बजट पेश करने के मामले में शीर्ष 5 नाम इस प्रकार हैं:
| वित्त मंत्री | बजटों की कुल संख्या | विशेष विवरण |
| मोरारजी देसाई | 10 | 8 पूर्ण बजट और 2 अंतरिम बजट। |
| पी. चिदंबरम | 9 | देश के दूसरे सबसे अधिक बजट पेश करने वाले मंत्री। |
| निर्मला सीतारमण | 9 (2026 के बाद) | लगातार बजट पेश करने का भी रिकॉर्ड इनके नाम है। |
| प्रणब मुखर्जी | 8 | अनुभवी राजनेता और पूर्व राष्ट्रपति। |
| यशवंत सिन्हा | 8 | वाजपेयी सरकार के दौरान अहम भूमिका। |
सबसे अधिक बार केंद्रीय बजट पेश करने का गौरव आज भी मोरारजी देसाई के नाम है। उन्होंने कुल 10 बार संसद में बजट पढ़ा। उनके कार्यकाल की कुछ रोचक बातें:
- जन्मदिन पर बजट: मोरारजी देसाई ने दो बार अपने जन्मदिन (29 फरवरी, जो केवल लीप वर्ष में आता है) पर बजट पेश किया।
- सफर की शुरुआत: उन्होंने पहला बजट 1959-60 में पेश किया था।
- दोबारा वापसी: उन्होंने 1967-68 में एक ही साल में अंतरिम और पूर्ण दोनों बजट पेश करने का भी अनुभव साझा किया।
आमतौर पर बजट 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाता है। साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार की छुट्टी है। हालांकि, शेयर बाजार और निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार अक्सर ऐसे मौकों पर परंपरा को प्राथमिकता देती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वित्त मंत्री इस दिन भी सदन में बजट पेश कर संसद की कार्यवाही का हिस्सा बनेंगी।
बजट 2026 न केवल टैक्सपेयर्स और उद्योगों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आ रहा है, बल्कि यह प्रशासनिक दृष्टि से निर्मला सीतारमण के नाम एक बड़ा मील का पत्थर भी दर्ज करने वाला है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह भविष्य में मोरारजी देसाई के 10 बजटों के ‘जादुई आंकड़े’ को भी पार कर पाएंगी।
