न्यूज स्कूप : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक इको वैन में हुए भीषण धमाके के बाद, जिसकी चपेट में आकर अब तक 13 लोगों की मौत और 24 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व चौकसी बरती जा रही है. इस हाई इंटेंसिटी ब्लास्ट (High Intensity Blast) की शुरुआती जांच एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। धमाके की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पांच से छह गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और आसपास की दीवारें तक दरक गईं।
इस गंभीर घटना के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त करते हुए पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख़्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के लिए तुरंत एक आपात बैठक बुलाई। गृह विभाग और पुलिस के उच्चाधिकारियों से हालात की समीक्षा करने के बाद सीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं:
- शांति व्यवस्था: किसी भी कीमत पर प्रदेश की शांति व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए।
- त्वरित कार्रवाई: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करे।
- अफवाहों पर लगाम: सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी अफवाह की तुरंत पुष्टि और रोकथाम की जाए, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- जनता में भरोसा: पुलिस और प्रशासन जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर उनका भरोसा बनाए रखे।
- तकनीकी निगरानी: ड्रोन, सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी प्रणाली का अधिकतम उपयोग किया जाए।
ग्राउंड जीरो पर प्रशासन सक्रियता
सीएम योगी के आदेश के बाद, प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कप्तान (SP) खुद ग्राउंड जीरो पर उतर आए हैं।
- सघन चेकिंग: प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद समेत सभी जिलों में देर शाम से ही सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। आने-जाने वाले वाहनों की डिग्गी, बूट और हर संदिग्ध हिस्से की तलाशी ली जा रही है।
- सीमाओं पर चौकसी: प्रयागराज की मध्य प्रदेश सीमा से लगे चाकघाट बॉर्डर समेत सभी अंतर-राज्यीय सीमाओं पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
- संवेदनशील स्थान: रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और एयरपोर्ट जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें तैनात की गई हैं।
धार्मिक नगरीय इलाकों में विशेष चौकसी
अयोध्या, काशी (वाराणसी) और मथुरा जैसे धार्मिक और तीर्थस्थलों की सुरक्षा सर्वोपरि है, जहाँ विशेष सतर्कता बरती जा रही है:
- अतिरिक्त तैनाती: राम जन्मभूमि परिसर, काशी विश्वनाथ धाम और कृष्ण जन्मभूमि मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियाँ तैनात की गई हैं।
- अयोध्या: एसएसपी और जिलाधिकारी ने खुद बैरियरों का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
- वाराणसी: भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी भी संदिग्ध हलचल को तुरंत पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
- मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सर्विलांस टीम और इंटेलिजेंस यूनिट को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पश्चिमी यूपी में रेड अलर्ट मोड
दिल्ली से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में पुलिस ने रेड अलर्ट मोड अपना लिया है:
- सीमाएं सील: मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और सहारनपुर में दिल्ली से सटी सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है।
- आईडी चेक: हर वाहन की जांच की जा रही है, और यात्रियों की आईडी तथा मोबाइल लोकेशन तक चेक की जा रही है।
- गश्त और पेट्रोलिंग: मेरठ में सर्किट हाउस से लेकर घंटाघर तक गश्त तेज कर दी गई है।
- नोएडा: मॉल्स, मेट्रो स्टेशनों और कॉर्पोरेट हब सेक्टर-62 में अतिरिक्त फोर्स तैनात है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है।
खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय
सुरक्षा के साथ-साथ खुफिया तंत्र भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
- यूपी पुलिस के साथ एटीएस (Anti-Terror Squad) और आईबी (Intelligence Bureau) भी सक्रिय हो गई हैं।
- सीमावर्ती जिलों (जैसे बलिया, गोरखपुर, बहराइच, सोनभद्र) में खुफिया तंत्र को इनपुट एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रमुख रेलवे स्टेशनों (लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर आदि) पर सादी वर्दी में सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात हैं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी ने ट्रेन में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
जनता से अपील और अफवाहों पर नकेल
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत 112 नंबर या निकटतम पुलिस चौकी पर दें। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी संदेशों और पुरानी तस्वीरों को वायरल करने की कोशिशों पर साइबर सेल कड़ी निगरानी रखे हुए है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में हुए धमाके के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा के मोर्चे पर जिस तत्परता के साथ काम किया है, वह प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश है। जांच एजेंसियों के नतीजों का इंतजार है, लेकिन यूपी में हाई अलर्ट तब तक जारी रहेगा जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती।

