11 Mar 2026, Wed
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न्यूज स्कूप : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा जाहिर कर वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप का यह तर्क कि अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीद सकता है या उस पर नियंत्रण पा सकता है, कोई नया विचार नहीं है। वास्तव में, अमेरिका का जमीन विस्तार का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है।

आंकड़ों पर गौर करें तो 1803 से लेकर अब तक अमेरिका ने 8 बड़े इलाकों को अपने भू-भाग में जोड़ा है। औसतन हर 30 साल में अमेरिका एक नए इलाके को अपने कंट्रोल में लेता रहा है। आइए जानते हैं अमेरिका की उन ऐतिहासिक सौदों और सैन्य कार्रवाइयों के बारे में, जिन्होंने उसे दुनिया की महाशक्ति बनाया।

अमेरिका के विस्तार की ऐतिहासिक समयरेखा

1. 1803: लुइसियाना की खरीद (सबसे बड़ा सौदा)

अमेरिका ने फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट से करीब 53 करोड़ एकड़ जमीन मात्र 15 मिलियन डॉलर में खरीदी थी। इस एक सौदे ने अमेरिका का भौगोलिक आकार रातों-रात दोगुना कर दिया। आज के समय में इस सौदे की कीमत करीब 430 मिलियन डॉलर आंकी जाती है।

2. 1819: फ्लोरिडा का अधिग्रहण

फ्लोरिडा पहले स्पेन के अधीन था। अमेरिका ने सैन्य दबाव और रणनीतिक घेराबंदी के जरिए स्पेन को मजबूर किया। अंततः ओनिस-एडम्स संधि के तहत स्पेन ने यह इलाका अमेरिका को सौंप दिया।

3. 1845: टेक्सास का विलय

मेक्सिको से आजाद होने के बाद टेक्सास ने खुद अमेरिका में शामिल होने की इच्छा जताई थी। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित एक संयुक्त प्रस्ताव के बाद टेक्सास औपचारिक रूप से यूएस का हिस्सा बना।

4. 1867: अलास्का की खरीद (रूस से सौदा)

यह इतिहास का सबसे चर्चित और रणनीतिक सौदा माना जाता है। रूस ने वित्तीय तंगी और क्रीमियन युद्ध में हार के बाद अलास्का को महज 7.2 मिलियन डॉलर में अमेरिका को बेच दिया। उस समय इसे ‘बेकार जमीन’ कहा गया, लेकिन बाद में यहाँ मिले सोने और तेल के भंडार ने अमेरिका की किस्मत बदल दी।

अमेरिका द्वारा हासिल किए गए प्रमुख क्षेत्र

वर्षक्षेत्रकिससे प्राप्त कियातरीका
1803लुइसियानाफ्रांसखरीद ($15M)
1819फ्लोरिडास्पेनसंधि/सैन्य दबाव
1846ओरेगनब्रिटेनसंधि
1854गैड्सडेनमेक्सिकोखरीद ($10M)
1867अलास्कारूसखरीद ($7.2M)
1917वर्जिन आइलैंड्सडेनमार्कखरीद ($25M)
1959हवाईहवाई साम्राज्यतख्तापलट/विलय

हवाई और वर्जिन आइलैंड्स का रणनीतिक महत्व

  • यूएस वर्जिन आइलैंड्स (1917): प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने डेनमार्क से ये द्वीप खरीदे ताकि पनामा कैनाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जर्मनी को कैरेबियन में पैर पसारने से रोका जा सके।
  • हवाई (1959): 1893 में अमेरिकी व्यापारियों ने मरीन सैनिकों की मदद से यहाँ की रानी लिलिउओकलानी को सत्ता से बेदखल कर दिया था। 1959 में इसे अमेरिका के 50वें राज्य का दर्जा मिला।

क्या अगला नंबर ग्रीनलैंड का है?

डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड में बढ़ता इंटरेस्ट केवल ‘जमीन’ के लिए नहीं है, बल्कि इसके आर्कटिक संसाधनों और रणनीतिक स्थिति के लिए है। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क का हिस्सा है और वह इसे बेचने से साफ इनकार कर चुका है। हालांकि, अमेरिका का इतिहास गवाह है कि वह अपने लक्ष्यों के लिए लंबी कूटनीतिक और आर्थिक लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटता।

लुइसियाना से लेकर हवाई तक, अमेरिका का हर विस्तार उसे और अधिक शक्तिशाली बनाता गया है। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की जिद इसी 200 साल पुरानी “मैनिफेस्ट डेस्टिनी” की सोच का हिस्सा है। अब देखना यह है कि क्या 21वीं सदी में डेनमार्क अपने इस विशाल द्वीप को अमेरिका के हाथों सौंपने के लिए तैयार होगा या नहीं।

By News Scoop Desk

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