न्यूज स्कूप : यदि आप नए साल 2026 की शुरुआत बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद के साथ करने के लिए वाराणसी (काशी) जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धर्मनगरी काशी में इस वक्त पर्यटन और आस्था का ऐसा ‘महाकुंभ’ उमड़ा है कि शहर की बुनियादी व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। घाटों से लेकर मंदिर की गलियों तक, हर तरफ सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे हैं।
भीड़ के दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर प्रशासन और वाराणसी पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। 1 जनवरी को होने वाली रिकॉर्ड भीड़ की आशंका के चलते 31 दिसंबर और 1 जनवरी को वीआईपी दर्शन की सुविधा को पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है।
काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन की सुगमता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित बड़े बदलाव किए हैं:
- VIP दर्शन पर रोक: अब किसी भी विशेष सिफारिश या प्रोटोकॉल के तहत दर्शन नहीं होंगे। सभी को सामान्य कतार में लगकर ही बाबा के दर्शन करने होंगे।
- नो व्हीकल जोन: गोदौलिया, मैदागिन और मंदिर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है। यहाँ तक कि ई-रिक्शा और साइकिल रिक्शा के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
- बढ़ती भीड़: वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 4 लाख लोग काशी पहुँच रहे हैं। अनुमान है कि 1 जनवरी को यह संख्या 7 से 10 लाख के पार जा सकती है।
आस्था के उत्साह के बीच मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है। वाराणसी इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है।
- परिवहन पर असर: कम विजिबिलिटी के कारण दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से आने वाली दर्जनों ट्रेनें 5 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।
- ठिठुरन भरी हवाएं: गंगा के घाटों पर चलने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। यदि आप आ रहे हैं, तो पर्याप्त ऊनी कपड़े, दस्ताने और टोपी साथ रखना अनिवार्य है।
शहर के भीतर यातायात व्यवस्था काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक पहुँचने में जहाँ पहले 20 मिनट लगते थे, अब 2 घंटे का समय लग रहा है।
- ट्रैफिक डायवर्जन: शहर के बाहरी हिस्सों में बड़े वाहनों को रोक दिया गया है।
- होटल बुकिंग: वाराणसी के लगभग 95% होटल और गेस्ट हाउस पहले ही फुल हो चुके हैं। बिना बुकिंग के आने वाले पर्यटकों को रहने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
- बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान: अत्यधिक भीड़ और कड़ाके की ठंड को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में ले जाने से बचें।
- स्टेटस चेक करें: घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन या फ्लाइट का ‘लाइव स्टेटस’ जरूर चेक करें।
- गंगा आरती: दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के लिए समय से 2 घंटे पहले पहुँचने का प्रयास करें, अन्यथा घाट पर पैर रखने की जगह भी नहीं मिलेगी।
काशी में नए साल का जश्न भव्य होगा, लेकिन यह आपकी धैर्य की परीक्षा भी ले सकता है। प्रशासन के नियमों का पालन करें और अपनी सुरक्षा व स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
