न्यूज स्कूप : हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। मान्यताओं के अनुसार, वास्तु के नियमों का सही ढंग से पालन करने से घर में खुशहाली और बरकत बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में उपहार के लेन-देन से जुड़े भी कई नियम बताए गए हैं। किसी खास मौके पर अपने प्रियजन को उपहार देना हमेशा से एक प्यारी परंपरा रही है, जिससे लोगों के बीच प्रेम बढ़ता है और रिश्ता मजबूत होता है।
हालांकि, कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसे उपहार दे देते हैं, जिन्हें वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इन तोहफों को देने से रिश्ते में दूरियां, दुर्भाग्य या कलह पैदा हो सकती है। तो चलिए वास्तु शास्त्र के माध्यम से जानते हैं उन 4 उपहारों के बारे में जिन्हें कभी भी किसी को नहीं देना चाहिए:
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, किसी को भी घड़ी (वॉच) उपहार में देना शुभ नहीं माना जाता है।
- वास्तु कारण: घड़ी समय की निरंतरता और जीवन के चक्र को दर्शाती है। मान्यता है कि घड़ी उपहार में देने से आप सामने वाले व्यक्ति को अपने समय या जीवन की अवधि उपहार में दे रहे होते हैं।
- नकारात्मक असर: कहा जाता है कि ऐसा करने से आपके रिश्तों में रुकावट या दूरियां आ सकती हैं। कई बार तो ये भी माना जाता है कि घड़ी देना मतलब रिश्ता धीरे-धीरे खत्म होने की ओर बढ़ रहा है।
- बचाव का तरीका: अगर आप फिर भी किसी को घड़ी देना चाहते हैं, तो अशुभ असर को खत्म करने के लिए घड़ी के साथ 1 रुपया या 11 रुपये जरूर रखें।
रूमाल रोज़मर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली एक काम की चीज़ है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे उपहार में देना अच्छा नहीं माना जाता।
- वास्तु कारण: रूमाल का सीधा संबंध दुख और आँसुओं से जोड़ा जाता है।
- नकारात्मक असर: इसीलिए किसी को रूमाल देने का मतलब होता है कि आप जाने-अनजाने में आगे चलकर उनके जीवन या आपके रिश्ते में दुख या अलगाव (दूरी) को आमंत्रित कर रहे हैं। यह माना जाता है कि यह उपहार रिश्ते की मिठास को खत्म कर सकता है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, चाकू, कैंची या अन्य नुकीली-धारदार चीजें कभी भी गिफ्ट करना ठीक नहीं माना जाता है।
- वास्तु कारण: ये चीजें आक्रामकता, कटुता और झगड़ों का संकेत होती हैं। ये शांति और सामंजस्य के प्रतीक नहीं माने जाते हैं।
- नकारात्मक असर: कहा जाता है कि अगर किसी को चाकू या कैंची तोहफे में दी जाए, तो इससे रिश्तों में कटुता और दूरियां आ सकती हैं। साथ ही, धारदार वस्तुओं को घर में रखने या उपहार में देने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
वास्तु शास्त्र में आईना (दर्पण) बहुत खास माना गया है, क्योंकि यह ऊर्जा को परावर्तित करता है। यह सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा का शक्तिशाली प्रतीक होता है।
वास्तु कारण: शीशे का इस्तेमाल बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए।
नकारात्मक असर: इसी वजह से किसी को आईना गिफ्ट करना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि आईना जीवन से सौभाग्य समाप्त कर सकता है और कई बार इससे रिश्तों में भ्रम या तनाव भी पैदा हो सकता है। खासकर, अगर किसी प्रेमी जोड़े या विवाहित व्यक्ति को बिना सोचे-समझे आईना उपहार में दे दिया जाए, तो यह उनके रिश्ते में कलह या दूरी ला सकता है, क्योंकि यह रिश्ते की वास्तविकता को खंडित कर सकता है।
