20 Feb 2026, Fri
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Vastu Shastra: सुबह उठते ही दिख जाएं ये 4 पवित्र पेड़-पौधे तो समझो बन गया दिन; इनके दर्शनमात्र से आती है सुख-शांति और लक्ष्मी

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न्यूज स्कूप : हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का महत्व केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें साक्षात दैवीय स्वरूप माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि दिन की शुरुआत किसी पवित्र वृक्ष या पौधे के दर्शन से की जाए, तो व्यक्ति को न केवल तुरंत मानसिक शांति मिलती है, बल्कि पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार होता है।

मान्यता है कि सुबह उठते ही इन विशेष पौधों का दर्शन कर लेने से जीवन की दुख-बाधाएं कम होती हैं और सभी काम बिना किसी रुकावट के पूर्ण होते हैं। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह उठकर किन 4 पवित्र पेड़-पौधों के दर्शन को अत्यंत शुभ माना गया है:

1. बेल (Bael) वृक्ष: शिव कृपा और साहस का प्रतीक

बेल वृक्ष भगवान शिव से जुड़ा हुआ है, क्योंकि बेलपत्र शिव को अत्यंत प्रिय हैं।

  • महत्व: ऐसी मान्यता है कि सुबह उठकर केवल इस वृक्ष के दर्शन मात्र से ही मन के विकार (बुरी आदतें, नकारात्मक विचार) खत्म होते हैं।
  • लाभ: यह कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास बनाए रखता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से बेल के दर्शन करता है, उसे शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

2. तुलसी (Tulsi): साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप

हिंदू घरों में तुलसी का पौधा सबसे पवित्र माना जाता है। तुलसी को साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।

  • महत्व: जो व्यक्ति सुबह उठकर तुलसी के दर्शन करता है, मानो वह सीधे मां लक्ष्मी के दर्शन कर लेता है।
  • लाभ: सुबह उठकर स्नान आदि के बाद तुलसी पौधे में जल देना और उनकी पूजा करना भी अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने वाला माना जाता है। यह घर में धन और सौभाग्य लाता है।

3. अशोक (Ashok) वृक्ष: बाधा रहित कार्यसिद्धि

‘अशोक’ शब्द का अर्थ है ‘शोक का न होना’। यानी ऐसा वृक्ष जो दुखों और परेशानियों को दूर करता है।

  • महत्व: घर या घर के आसपास यदि अशोक का पेड़ हो तो सुबह उठकर इसके दर्शन जरूर करें। ब्रह्मवैवर्त पुराण में अशोक वृक्ष का वर्णन शुभ और मंगलकारी वृक्ष के रूप में किया गया है।
  • लाभ: वास्तु मान्यता है कि जिस स्थान पर अशोक का पेड़ होता है, वहां बिना कोई बाधा सभी काम पूर्ण होते हैं। यह मानसिक तनाव को दूर कर मन को शांति प्रदान करता है।

4. आंवला (Amla) वृक्ष: स्वास्थ्य और सकारात्मकता

आंवला को आयुर्वेद के साथ-साथ हिंदू धर्म में भी अत्यंत शुभ और विष्णु स्वरूप माना गया है। आंवला नवमी पर इसकी पूजा का विधान है।

  • महत्व: सुबह उठकर आंवला वृक्ष के दर्शन करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • लाभ: यह शरीर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है। चूंकि आंवले का सेवन सेहत के लिए भी लाभकारी होता है, इसलिए इसका दर्शन व्यक्ति को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करता है।

नियमित रूप से इन पवित्र वृक्षों या पौधों के दर्शन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से, न केवल आपके मन को शांति मिलेगी, बल्कि आपके घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का वास भी होगा।

By News Scoop Desk

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