20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका घर खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे। इसके लिए लोग घर की बनावट से लेकर सजावट तक में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के नियमों का पालन करते हैं। वास्तु में घर की हर छोटी-बड़ी चीज का अपना महत्व है, लेकिन ‘आईना’ यानी शीशा सबसे प्रभावशाली माना जाता है।

वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि शीशा केवल चेहरा देखने की वस्तु नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को प्रतिबिंबित (Reflect) करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। यदि आईना सही दिशा में हो, तो यह घर के वास्तु दोषों को दूर कर धन के आगमन के द्वार खोलता है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार आईना लगाने की सही और गलत दिशाएं।

आईना लगाने की शुभ दिशाएं

1. उत्तर दिशा (North Direction)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को कुबेर देवता का स्थान माना जाता है। इस दिशा की दीवार पर आईना लगाना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

  • फायदा: इससे घर में धन और समृद्धि बढ़ती है। साथ ही, यह दिशा व्यापार और करियर में नए अवसर प्रदान करती है। यह पैसों की तंगी को दूर करने में सहायक है।
2. पूर्व दिशा (East Direction)

पूर्व दिशा सूर्य की दिशा मानी जाती है और यह मान-सम्मान एवं ऊर्जा का प्रतीक है।

  • फायदा: पूर्व की दीवार पर शीशा लगाने से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है। यह जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकारात्मक विचारों का संचार करता है।
3. पश्चिम दिशा (West Direction)

यदि आप पारिवारिक सामंजस्य और रिश्तों में सुधार चाहते हैं, तो पश्चिम दिशा में आईना लगाना एक अच्छा विकल्प है।

  • फायदा: इस दिशा में लगा शीशा रिश्तों में मधुरता लाता है और दांपत्य जीवन की कड़वाहट को दूर करता है।

इन जगहों पर भूलकर भी न लगाएं शीशा

  • दक्षिण दिशा (South Direction): वास्तु में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है। यहां शीशा लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। इससे धन की हानि होती है और घर के सदस्यों में बेवजह तनाव बना रहता है।
  • किचन के सामने: रसोई घर के सामने कभी भी आईना नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि इससे अग्नि तत्व का असंतुलन होता है, जिससे आर्थिक समस्याएं पैदा होती हैं।
  • मुख्य द्वार के सामने: घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने आईना लगाने से बचें, क्योंकि यह घर में प्रवेश करने वाली सकारात्मक ऊर्जा को वापस बाहर की ओर प्रतिबिंबित कर देता है।

शीशा लगाने से पहले रखें इन 3 बातों का ध्यान

शयनकक्ष (Bedroom) के नियम: अगर बेडरूम में आईना लगाना मजबूरी हो, तो ध्यान रखें कि सोते समय आपके शरीर का कोई भी हिस्सा उसमें दिखाई न दे। रात में इसे ढककर रखना सबसे बेहतर उपाय है।

आकार और ऊंचाई: घर में लगा शीशा कम से कम 1 से 2 फीट का होना चाहिए। बहुत बड़ा शीशा लगाने से पहले वास्तु विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इसे जमीन से करीब 4-5 फीट की ऊंचाई पर लगाना आदर्श माना जाता है।

सफाई और स्पष्टता: गंदा या धुंधला आईना नकारात्मकता का प्रतीक है। इसे हमेशा साफ रखें। यदि शीशा चटक गया है या टूट गया है, तो उसे तुरंत हटा दें, क्योंकि टूटा हुआ शीशा भारी वास्तु दोष पैदा करता है।

By News Scoop Desk

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