न्यूज स्कूप : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। राजधानी कराकस में शुक्रवार (2 जनवरी 2026) की देर रात उस समय भीषण हड़कंप मच गया, जब आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाजें गूँजी और देखते ही देखते पूरा शहर सात बड़े विस्फोटों से दहल उठा। स्थानीय समयानुसार रात करीब दो बजे हुई इस घटना ने सो रहे नागरिकों को खौफ में डाल दिया।
घटना के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा ‘विदेशी सैन्य हमला’ करार दिया है।
वेनेजुएला सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले के लिए सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार के मुताबिक, यह अमेरिका की वर्तमान सरकार की तरफ से वेनेजुएला की नागरिक आबादी और सैन्य ठिकानों के खिलाफ की गई “अत्यंत गंभीर सैन्य आक्रामकता” है।
- प्रभावित क्षेत्र: हमले केवल कराकस तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों के सैन्य और नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया गया है।
- मकसद: सरकार का आरोप है कि इस हमले के पीछे वेनेजुएला के रणनीतिक तेल और खनिज भंडारों पर कब्जा करने की साम्राज्यवादी मंशा है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपात स्थिति (National Emergency) घोषित करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
- सुरक्षा निर्देश: संविधान के तहत सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- सैन्य तैनाती: सभी राज्यों और नगरपालिकाओं में रक्षा संचालन निकायों (Defense Operation Bodies) को तत्काल तैनात होने का आदेश दिया गया है।
- जनआंदोलन: सरकार ने जनता, सेना और पुलिस की एकता के साथ इस हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है।
सरकारी बयान में 1811 के स्वतंत्रता संग्राम और 1902 की बमबारी का जिक्र करते हुए कहा गया कि वेनेजुएला पिछले 200 वर्षों से किसी भी औपनिवेशिक दबाव के आगे नहीं झुका है। सरकार ने लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के देशों से एकजुट होने की अपील की है, क्योंकि यह हमला पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा है।
कराकस में हुए इन विस्फोटों ने वैश्विक राजनीति में फिर से तनाव पैदा कर दिया है। क्या यह एक बड़े युद्ध की शुरुआत है या कोई रणनीतिक दबाव, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, वेनेजुएला की सेना ‘हाई अलर्ट’ पर है और जनता सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
