20 Mar 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : केंद्र सरकार ने दो दशक पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को निरस्त करते हुए, एक नया और आधुनिक कानून लाने का प्रस्ताव किया है। यह नया कानून विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) विधेयक, 2025 के नाम से जाना जाएगा।

इस विधेयक को लोकसभा में पेश किया जाना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण रोजगार और विकास को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप एक रिवैम्प्ड फ्रेमवर्क देना है।

वीबी-जी राम जी विधेयक की मुख्य बातें (VB-G RAM G)

नया मसौदा विधेयक मनरेगा का एक महत्वपूर्ण अपग्रेड है, जो पुरानी संरचनात्मक समस्याओं को दूर करने पर केंद्रित है।

प्रमुख बिंदु (Key Points)मनरेगा (MGNREGA)वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G)
रोजगार गारंटी (प्रति परिवार)100 दिन125 दिन (25% अधिक)
कार्य का फोकसकई श्रेणियों में बिखरे कार्य (राष्ट्रीय रणनीति के बिना)4 प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र (रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर)
नियम/फंडिंगमांग-आधारित फंडिंग (अनिश्चित आवंटन)स्टैंडर्ड फंडिंग (ऑब्जेक्टिव पैरामीटर्स पर आधारित)
एकीकरणसीमितविकसित ग्राम पंचायत योजनाओं और पीएम गति-शक्ति जैसे राष्ट्रीय योजनाओं के साथ इंटिग्रेशन अनिवार्य।

1. 4 प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र (Strategic Focus)

नया अधिनियम टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगा जो सीधे ग्रामीण विकास से जुड़े हैं:

  1. जल सुरक्षा: जल संबंधी कार्यों (जैसे अमृत सरोवर) के माध्यम से जल निकायों का पुनरुद्धार।
  2. कोर रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कें, संपर्क और मूलभूत ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर।
  3. आजीविका संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर: भंडारण, बाजार और उत्पादन संपत्ति (Income Diversification)।
  4. चरम मौसम के प्रभाव को कम करने के लिए विशेष कार्य: जलवायु अनुकूलन और लचीलापन।

2. ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को लाभ

लाभ का क्षेत्रविवरण
उच्च आय एवं उपभोग125 गारंटीड दिनों से आय में वृद्धि, जिससे ग्रामीण उपभोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
पलायन में कमीअधिक ग्रामीण अवसरों और टिकाऊ संपत्तियों के साथ, शहरी पलायन का दबाव कम होगा।
लेबर अवेलेबिलिटी60 दिनों का ‘नो वर्क’ अनिवार्य: राज्य बुवाई/कटाई के पीक सीजन में 60 दिनों तक काम बंद कर सकते हैं। इससे कृषि कार्यों के लिए श्रम की कमी नहीं होगी।
खाद्य महंगाई पर रोकपीक सीजन में सार्वजनिक कार्यों को रोकने से आर्टिफिशियल मजदूरी महंगाई रुकेगी, जिससे खाद्य उत्पादन लागत स्थिर रहेगी।
बेहतर सिंचाईप्राथमिकता प्राप्त जल परियोजनाएं सिंचाई, भूजल और बहु-सीम फसल क्षमता में सुधार करेंगी।

3. मनरेगा में बदलाव की आवश्यकता क्यों?

मनरेगा को 2005 के लिए बनाया गया था, लेकिन ग्रामीण भारत में अब व्यापक बदलाव आ चुका है:

  • गरीबी दर में कमी: गरीबी दर 25.7% (2011-12) से घटकर 4.86% (2023-24) हो गई है।
  • पुराना ढांचा: मजबूत सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल पहुंच में वृद्धि के साथ, पुराना ढांचा आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अनुरूप नहीं रहा।
  • लीकेज और दुरुपयोग: 2024-25 में राज्यों में कुल ₹193.67 करोड़ का गबन हुआ। धन का दुरुपयोग, डिजिटल सिस्टम को दरकिनार करना और कमजोर अनुपालन जैसी समस्याएं संरचनात्मक सीमा तक पहुंच चुकी थीं।
  • कार्य की कमी: महामारी के बाद की अवधि में केवल 7.61% परिवारों ने ही 100 दिन का काम पूरा किया।

4. नए अधिनियम में जवाबदेही और सुरक्षा के उपाय

नया VB-G RAM G विधेयक एक स्वच्छ, डिजिटल रूप से शासित और जवाबदेह सिस्टम का निर्माण करेगा:

  • डिजिटल सिक्योरिटी: इलेक्ट्रॉनिक सैलरी (जो पहले ही 99.94% है) फुली बायोमेट्रिक और आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन के साथ जारी रहेगी, जिससे वेतन चोरी समाप्त हो जाएगी।
  • धोखाधड़ी का पता लगाना: एआई-बेस्ड धोखाधड़ी का पता लगाने की प्रणाली शामिल की गई है।
  • निगरानी: निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य संचालन समितियां, जीपीएस/मोबाइल-बेस्ड निगरानी, रियल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड और वर्ष में दो बार स्ट्रांग सोशल ऑडिट्स अनिवार्य होंगे।
  • बेरोजगारी भत्ता: यदि काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो राज्यों को बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा, जिससे रोजगार की गारंटी कानूनी रूप से संरक्षित रहेगी।

5. सेंट्रल सेक्टर से सेंट्रल स्पांसर्ड स्कीम की ओर बदलाव (फंडिंग मॉडल)

यह बदलाव ग्रामीण रोजगार की स्थानीय प्रकृति के कारण किया गया है।

  • फंडिंग रेश्यो (नया):
    • स्टैंडर्ड रेश्यो: 60:40 (केंद्र: राज्य)
    • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश: 90:10
    • विधानमंडल रहित केंद्र शासित प्रदेश: 100% केंद्रीय फंड
  • उद्देश्य: यह साझेदारी मॉडल राज्यों की क्षमता के अनुरूप है, दुरुपयोग को रोकने के लिए बेहतर प्रोत्साहन देता है, और दक्षता में सुधार करेगा।

By News Scoop Desk

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