न्यूज स्कूप : सनातन धर्म में सूर्य देव को ‘प्रत्यक्ष देवता’ माना गया है, जो न केवल संसार को प्रकाश देते हैं बल्कि जीवन शक्ति और आरोग्य के भी प्रदाता हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है, जिनकी स्थिति व्यक्ति के मान-सम्मान, करियर और पिता के साथ संबंधों को प्रभावित करती है। रविवार का दिन सूर्य देव की विशेष आराधना के लिए समर्पित है।
मान्यता है कि रविवार के दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होते हैं। लेकिन अक्सर हम अनजाने में इस दिन कुछ ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो शास्त्रों में वर्जित बताई गई हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इन चीजों को रविवार को खाने से सूर्य देव रुष्ट हो सकते हैं, जिससे जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है। आइए जानते हैं वे कौन सी वस्तुएं हैं जिनसे रविवार को दूरी बनानी चाहिए।
रविवार के दिन लाल साग खाना अशुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसे मृत्यु का प्रतीक माना गया है। विशेषकर वैष्णव परंपरा में रविवार के दिन इसका सेवन पूरी तरह वर्जित है। माना जाता है कि इसे खाने से व्यक्ति की आयु क्षीण होती है और भाग्य का साथ कम मिलता है।
आयुर्वेद में भले ही लहसुन और प्याज को औषधि माना गया हो, लेकिन ज्योतिष और शास्त्रों में इन्हें ‘तामसिक’ श्रेणी में रखा गया है। रविवार को सूर्य की सात्विक ऊर्जा प्रबल होती है, ऐसे में लहसुन और प्याज का सेवन मन में अशुद्धि और क्रोध पैदा करता है, जिससे सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती।
मसूर की दाल में प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसे कई बार मांस के समान भारी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, मसूर की दाल कभी भी ‘देव भोग’ (भगवान को प्रसाद) के रूप में नहीं चढ़ाई जाती। रविवार के दिन इसे खाने से सूर्य देव अप्रसन्न होते हैं, जिससे आर्थिक बाधाएं आ सकती हैं।
रविवार के दिन मांस और शराब का सेवन सबसे बड़ा दोष माना गया है। सूर्य देव शुचिता और अनुशासन के प्रतीक हैं। जो व्यक्ति इस दिन तामसिक भोजन या नशीली चीजों का सेवन करता है, उसकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो जाता है, जिससे समाज में मान-हानि और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि नमक पूरी तरह वर्जित नहीं है, लेकिन रविवार का व्रत रखने वालों को नमक का त्याग करना चाहिए। यदि व्रत नहीं भी है, तो कम से कम नमक का प्रयोग करें, क्योंकि नमक का सीधा संबंध चंद्रमा से है और रविवार को सूर्य की प्रधानता के कारण नमक का अधिक सेवन सूर्य के तेज को कम कर सकता है।
- रविवार को सुबह जल्दी उठकर तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य दें।
- अर्घ्य के जल में लाल फूल और अक्षत जरूर डालें।
- “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
- रविवार के दिन दान में तांबा, गेहूं या गुड़ देना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
आहार का सीधा संबंध हमारे मन और ग्रहों की स्थिति से होता है। रविवार के दिन सात्विक भोजन अपनाकर आप न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि भगवान सूर्य के आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और तेज भी ला सकते हैं।
