20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : आज के डिजिटल युग में बच्चों का स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की ओर बढ़ता झुकाव माता-पिता के लिए चिंता का विषय बना रहता है। इसी चिंता को दूर करने के लिए दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) एक क्रांतिकारी सुरक्षा फीचर पर काम कर रहा है। इस नए फीचर का नाम ‘प्राइमरी कंट्रोल्स’ (Primary Controls) है, जिसके माध्यम से माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक नियंत्रित और सुरक्षित सेकेंडरी व्हाट्सएप अकाउंट सेटअप कर सकेंगे।

यह फीचर विशेष रूप से उन बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो व्हाट्सएप की आधिकारिक न्यूनतम आयु सीमा को पूरा नहीं करते या जिन्हें ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए कड़ी निगरानी की जरूरत है। आइए जानते हैं कि व्हाट्सएप का यह नया सुरक्षा कवच कैसे काम करेगा।

पैरेंट्स के हाथ में होगा अकाउंट का रिमोट कंट्रोल

फीचर ट्रैकर WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप का यह नया अपडेट माता-पिता को अपने मुख्य अकाउंट से बच्चे का अकाउंट लिंक करने की अनुमति देगा।

  • सेकेंडरी अकाउंट सेटअप: माता-पिता अपने फोन से एक नया अकाउंट बनाएंगे जो उनके ‘प्राइमरी अकाउंट’ से जुड़ा होगा।
  • सीमित संपर्क: इस अकाउंट में बच्चे केवल उन लोगों से बात कर सकेंगे जिनके नंबर पैरेंट्स ने सेव किए हैं। इससे अनजान लोगों या स्कैमर्स द्वारा बच्चों को मैसेज करने का खतरा खत्म हो जाएगा।
  • QR कोड और 6-अंकों का पिन: सेटअप प्रक्रिया के दौरान पैरेंट्स को बच्चे के फोन का QR कोड स्कैन करना होगा। सुरक्षा के लिए एक 6-डिजिट का प्राइमरी पिन (PIN) भी सेट करना होगा। बिना इस पिन के, बच्चा अकाउंट की किसी भी महत्वपूर्ण सेटिंग में बदलाव नहीं कर पाएगा।

बच्चों के लिए बंद रहेंगे ये फीचर्स

अकाउंट को बच्चों के अनुकूल बनाने के लिए व्हाट्सएप कई लोकप्रिय फीचर्स पर पाबंदी लगाएगा:

  1. अपडेट्स टैब: बच्चों के अकाउंट में स्टेटस और चैनल्स का विकल्प नहीं दिखेगा। इससे वे अनचाहे कंटेंट या ब्रॉडकास्ट वीडियो से दूर रहेंगे।
  2. चैट लॉक (Chat Lock): बच्चे अपनी चैट्स को लॉक नहीं कर पाएंगे। यह इसलिए किया गया है ताकि बच्चे फोन लेवल पर माता-पिता से कोई भी बातचीत छिपा न सकें।
  3. ग्रुप ज्वाइनिंग: अज्ञात ग्रुप्स में जुड़ने पर भी पाबंदी रहने की संभावना है।

प्राइवेसी और निगरानी के बीच संतुलन

व्हाट्सएप ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बढ़ाने के बावजूद यूजर की प्राइवेसी से समझौता नहीं किया जाएगा।

विशेषतास्थितिप्रभाव
End-to-End Encryptionचालूपैरेंट्स बच्चों के मैसेज खुद नहीं पढ़ पाएंगे।
कॉन्टैक्ट मॉनिटरिंगउपलब्धनया कॉन्टैक्ट जोड़ने पर पैरेंट्स को अलर्ट मिलेगा।
सेटिंग्स एक्सेसपिन प्रोटेक्टेडबच्चा प्राइवेसी सेटिंग्स खुद नहीं बदल सकेगा।
अकाउंट अपग्रेडउम्र के अनुसारआयु सीमा पूरी होने पर इसे सामान्य अकाउंट में बदला जा सकेगा।

यह फीचर क्यों है जरूरी?

इंटरनेट पर बढ़ते साइबर बुलिंग और अश्लील कंटेंट के दौर में बच्चों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म देना जरूरी है। व्हाट्सएप का यह कदम मेटा (Meta) की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह अपने सभी प्लेटफॉर्म्स (इंस्टाग्राम, फेसबुक) पर ‘पैरेंटल सुपरविजन’ को मजबूत कर रहा है। यह फीचर न केवल बच्चों को सुरक्षित रखेगा, बल्कि माता-पिता को भी एक मानसिक शांति प्रदान करेगा कि उनका बच्चा सुरक्षित डिजिटल वातावरण में है।

व्हाट्सएप का ‘प्राइमरी कंट्रोल्स’ फीचर ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। यह तकनीक और सुरक्षा के बीच एक बेहतरीन तालमेल पेश करता है, जहाँ प्राइवेसी भी बरकरार रहती है और बच्चों पर जरूरी नियंत्रण भी बना रहता है।

By News Scoop Desk

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