न्यूज स्कूप : ठंड के मौसम में कुछ लोगों को रात में सोते समय या सुबह उठते ही ज्यादा खांसी आती है। यह एक सामान्य घटना लग सकती है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह किसी बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम के होने का इशारा हो सकता है। यह दिक्कत मौजूदा बढ़े हुए प्रदूषण से और भी ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अधिकतर हिस्सों में AQI लेवल बिगड़ा हुआ है, और दिल्ली में यह 400 के पार पहुंचा हुआ है।
प्रदूषण और विंटर सीजन की वजह से इस हेल्थ प्रॉब्लम के होने का खतरा बढ़ जाता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं कि आखिर कुछ लोगों को सर्दी के दौरान सुबह-सुबह तेज खांसी क्यों हो जाती है और इससे राहत के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाने चाहिए।
दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ. कुलदीप कुमार बताते हैं कि यह खांसी सिर्फ ठंड लगने की वजह नहीं, बल्कि कुछ हेल्थ समस्याओं का संकेत हो सकती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात में या सुबह उठते ही खांसी आना:
- ब्रोंकाइटिस (Bronchitis): फेफड़ों की नली में सूजन।
- एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux): पेट का एसिड ऊपर गले तक आना, खासकर लेटते समय।
- अस्थमा (Asthma): कुछ मामलों में यह अस्थमा या एलर्जी की ओर इशारा कर सकता है।
प्रोफेसर कुलदीप कहते हैं कि अगर किसी को 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी है, तो उसे फेफड़ों से जुड़े टेस्ट जरूर करवाने चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
अधिकतर लोग खांसी को एक हेल्थ प्रॉब्लम मानते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। यह हमारे शरीर का एक डिफेंस मैकेनिज्म है। जब भी सांस की नली में किसी तरह की परेशानी, कफ, गंदगी (धूल), वायरस या बैक्टीरिया मौजूद होता है, तो बॉडी इसे बाहर निकालने के लिए खांसी का रिएक्शन करती है।
- संक्रमण और एलर्जी: कफ या बलगम ही नहीं, अगर एलर्जी हो तो भी खांसी होने लगती है। पालतू जानवरों के बाल या हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों की वजह से एलर्जिक रिएक्शन होता है जिससे सूखी खांसी हो सकती है।
- मौसम और लाइफस्टाइल: ठंडी हवाओं या मौसम में बदलाव की वजह से भी कफ की प्रॉब्लम हो जाती है। इसके अलावा, स्मोकिंग और एसिडिटी के कारण भी खांसी की समस्या हो जाती है।
- खांसी के प्रकार: सूखी खांसी का कारण अक्सर वायरल या एलर्जी होती है, जबकि बलगम वाली खांसी का कारण बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है। रात में बढ़ने वाली खांसी की अहम वजह अस्थमा और एसिडिटी हो सकते हैं।
खांसी की शुरुआती समस्या में आप कुछ प्राकृतिक और असरदार घरेलू नुस्खे अपनाकर राहत पा सकते हैं:
हल्दी वाला दूध: हल्दी एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। इसलिए आप चाहें तो हल्दी वाले दूध या गर्म पानी का सेवन कर सकते हैं। यह गले की खराश और संक्रमण को कम करने में मदद करता है।
शहद और अदरक: देसी तरीके से खांसी को खत्म करने के लिए, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर अदरक को शहद के साथ खाएं। ये दोनों नेचुरल चीजें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हैं, जो गले में हुई सूजन को भी कम करने में मदद करती हैं।
काली मिर्च का उपाय: विटामिन-सी का बेस्ट सोर्स काली मिर्च इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग रखती है, जिससे खांसी समेत कई हेल्थ प्रॉब्लम्स दूर रहती हैं। काली मिर्च को पीसकर इसमें शहद मिलाएं और सुबह-शाम इस उपाय को ट्राई करें।
भाप है बेस्ट नुस्खा: चेस्ट में जमे हुए कफ को नेचुरली बाहर निकालना चाहते हैं तो इसके लिए भाप लेना बेस्ट नुस्खा है। आप चाहें तो गर्म पानी में अजवाइन या तुलसी जैसे हरे पत्तों को शामिल कर सकते हैं।
