न्यूज स्कूप : सर्दियां आते ही सिर्फ मौसम ही नहीं बदलता, बल्कि आपकी स्कैल्प (सिर की त्वचा) और बाल भी इसका सीधा असर झेलने लगते हैं। ठंडी हवा और घर के अंदर चल रहे हीटर मिलकर स्कैल्प को इतना सूखा बना देते हैं कि खुजली, जलन और सफेद फलक यानी डैंड्रफ (Dandruff) अचानक कई गुना बढ़ जाती है। इस असहज स्थिति को अक्सर “शोल्डर स्नो” भी कहा जाता है, जो कई बार सार्वजनिक जगहों पर शर्मिंदगी का कारण बन सकती है।
दरअसल, सर्द हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) बेहद कम होती है, जो स्कैल्प के प्राकृतिक मॉइस्चर बैरियर को कमजोर कर देती है। कमजोर बैरियर पर मालासेजिया (Malassezia) नामक फंगस तुरंत सक्रिय हो जाता है और मृत त्वचा तेजी से मोटे फ्लेक्स में बदल जाती है।
डैंड्रफ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए, पहले उसके कारणों को समझना जरूरी है:
- ठंडी हवा (Low Humidity): विंटर एयर में नमी कम होने से स्कैल्प की नमी तेजी से घटती है, जिससे त्वचा की सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है और फंगस तेजी से बढ़ता है।
- बहुत गर्म पानी से नहाना: सर्दियों में गर्म पानी भले ही आराम दे, लेकिन यह स्कैल्प के प्राकृतिक तेल को पूरी तरह हटा देता है, जिससे सूखापन, खुजली और ज्यादा फ्लेक्स होते हैं।
- बाल कम धोना: ठंड के कारण लोग अक्सर शैम्पू टाल देते हैं। इससे स्कैल्प पर तेल, धूल और डेड स्किन जमा हो जाती है, जो फंगस के पनपने के लिए आदर्श माहौल बनाती है।
- गलत और भारी तेल: विंटर में अक्सर लोग भारी तेल लगाते हैं, जो मालासेजिया फंगस को पोषण देता है। इससे खुजली और मोटे फ्लेक्स बार-बार लौट आते हैं।
- पूरे दिन कैप या बीनी पहनना: टोपी या बीनी के अंदर गर्मी और पसीना जमा होता है, जो फंगस और बैक्टीरिया को तेज़ी से बढ़ने का मौका देता है।
- तेज हीटिंग वाले कमरे: हीटर कमरे की हवा को अत्यधिक सूखा बना देता है, जिससे स्कैल्प की नमी चली जाती है और यह रेत जैसी सूखी अवस्था में आकर फ्लेकिंग को बढ़ा देती है।
- बालों पर हीट टूल्स: ब्लो ड्रायर और स्ट्रेटनर जैसी स्टाइलिंग टूल्स स्कैल्प की प्राकृतिक नमी खींच लेते हैं, जिससे डैंड्रफ बढ़ जाती है।
- स्कैल्प कंडीशनिंग न देना: ज्यादातर लोग सिर्फ बालों के सिरों को कंडीशन करते हैं, स्कैल्प को नहीं। इससे सिर की त्वचा और ज्यादा सूख जाती है।
- पानी कम पीना: सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिससे शरीर और स्कैल्प दोनों डिहाइड्रेट रहते हैं। डिहाइड्रेशन से त्वचा छिलने लगती है और डैंड्रफ बढ़ती है।
- Vitamin D की कमी: ठंड के मौसम में कम धूप मिलने से शरीर में विटामिन डी का स्तर गिरता है, जिससे स्कैल्प की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और इंफेक्शन जल्दी बढ़ता है।
डैंड्रफ को नियंत्रित करने के लिए अपनी विंटर रूटीन में ये 5 बदलाव लाएं:
स्कैल्प को सांस लेने दें: टोपी या बीनी को लंबे समय तक पहनने से बचें, खासकर घर के अंदर, ताकि स्कैल्प को वेंटिलेशन मिलता रहे।
सही एंटी-डैंड्रफ शैम्पू: ज़िंक पाइरिथियोन (Zinc Pyrithione) या सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) वाले शैम्पू का इस्तेमाल हफ्ते में 2 से 3 बार करें।
गुनगुने पानी से नहाएं: स्कैल्प को अत्यधिक गर्म पानी से धोने की बजाय गुनगुने या हल्के गर्म पानी का उपयोग करें, ताकि प्राकृतिक तेल सुरक्षित रहें।
नियमित रूप से बाल धोएं: ठंड के बावजूद, हफ्ते में 2-3 बार बाल धोना जरूरी है ताकि तेल और डेड स्किन जमा न हो।
हल्का तेल इस्तेमाल करें: नारियल तेल या बादाम तेल जैसे हल्के, नॉन-हेवी ऑयल का उपयोग करें, जो फंगस को पनपने का मौका न दें।
