न्यूज स्कूप : उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ ही लोगों की लाइफस्टाइल में भी बड़ा बदलाव आया है। सर्दियों के इस मौसम में एक आम समस्या जो अधिकतर लोगों को परेशान कर रही है, वह है— सुबह सोकर उठने के बाद भी थकान और शरीर में भारीपन महसूस होना। कई बार 8 घंटे की पूरी नींद लेने के बावजूद व्यक्ति खुद को तरोताजा महसूस नहीं कर पाता और पूरे दिन आलस बना रहता है।
चिकित्सकों का मानना है कि सुबह की यह सुस्ती केवल सर्दियों का ‘स्वभाव’ नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर के भीतर हो रही कुछ महत्वपूर्ण कमियों का संकेत हो सकती है। दिल्ली के जीटीबी (GTB) अस्पताल में मेडिसिन विभाग के डॉ. अजीत कुमार ने इस समस्या के मुख्य कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी साझा की है।
डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, सुबह उठते ही शरीर में एनर्जी की कमी महसूस होने के पीछे ये प्रमुख वजहें हो सकती हैं:
- नींद की खराब गुणवत्ता (Poor Sleep Quality): यदि आप देर रात तक मोबाइल देखते हैं या सोते समय आपका दिमाग शांत नहीं रहता, तो आपकी गहरी नींद (REM Sleep) बाधित होती है। इससे शरीर की रिकवरी नहीं हो पाती और सुबह थकान बनी रहती है।
- विटामिन डी की कमी: सर्दियों में धूप कम निकलने के कारण शरीर में विटामिन डी का स्तर गिर जाता है। यह विटामिन शरीर के एनर्जी लेवल और हड्डियों की मजबूती के लिए अनिवार्य है। इसकी कमी से मांसपेशियों में दर्द और सुस्ती रहती है।
- सर्दियों में डिहाइड्रेशन (Dehydration): ठंड में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पानी पीना कम कर देते हैं। शरीर में पानी की कमी से रक्त का संचार प्रभावित होता है, जिससे उठते ही सिर भारी महसूस होता है।
- मानसिक तनाव और ओवरथिंकिंग: यदि आप मानसिक रूप से थके हुए हैं या तनाव में हैं, तो नींद के दौरान भी आपका मस्तिष्क सक्रिय रहता है। यह मानसिक थकान सुबह शारीरिक भारीपन के रूप में प्रकट होती है।
- फिजिकल एक्टिविटी का अभाव: ठंड के कारण लोग एक्सरसाइज और वॉक करना बंद कर देते हैं। शारीरिक सक्रियता कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और शरीर ‘स्लीप मोड’ से बाहर निकलने में ज्यादा समय लेता है।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार, यदि आप अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव करते हैं, तो सुबह की थकान को मात दी जा सकती है:
| समय/आदत | क्या करें? | लाभ |
| सुबह उठते ही | एक गिलास गुनगुना पानी पिएं। | मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और डिहाइड्रेशन दूर होता है। |
| दोपहर के समय | 15-20 मिनट की धूप लें। | विटामिन डी की कमी पूरी होती है और मूड सुधरता है। |
| सोने से पहले | 1 घंटा पहले स्क्रीन (मोबाइल/TV) बंद करें। | गहरी और सुकून भरी नींद आती है। |
| शाम के समय | हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करें। | शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है। |
- सोने का निश्चित समय: हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। इससे शरीर की ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ सही रहती है।
- खान-पान पर नियंत्रण: रात में बहुत अधिक तला-भुना या कैफीन (चाय-कॉफी) लेने से बचें। यह आपकी नींद को कच्चा कर सकता है।
- मैग्नीशियम और आयरन: अपनी डाइट में हरी सब्जियां और नट्स शामिल करें, क्योंकि इनकी कमी भी थकान का कारण बनती है।
- ब्रेकफास्ट न छोड़ें: सुबह उठने के बाद हेल्दी नाश्ता करें ताकि शरीर को दिन भर के लिए ईंधन मिल सके।
सुबह की थकान को लंबे समय तक नजरअंदाज करना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है। यदि इन घरेलू उपायों के बाद भी आपकी सुस्ती दूर नहीं हो रही है, तो यह थायराइड या एनीमिया (खून की कमी) का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना ही समझदारी है।
