18 Mar 2026, Wed
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द लोकतंत्र : साल 2025 की विदाई और नए साल 2026 के स्वागत के जश्न के बीच फूड डिलीवरी दिग्गज ज़ोमैटो (Zomato) और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। 31 दिसंबर, बुधवार की रात को इन दोनों प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर कुल 75 लाख से अधिक ऑर्डर डिलीवर किए, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

कंपनी की मूल इकाई ‘एटरनल’ के फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि डिलीवरी पार्टनर्स की हड़ताल की अपीलों का कामकाज पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

75 लाख ऑर्डर: एक ऐतिहासिक उपलब्धि

दीपेंद्र गोयल के अनुसार, नए साल की पूर्व संध्या (New Year’s Eve) पर सिस्टम ने अभूतपूर्व भार को बेहद कुशलता से संभाला।

  • डिलीवरी का आंकड़ा: दोनों प्लेटफॉर्म पर 75 लाख से अधिक ऑर्डर डिलीवर हुए।
  • कस्टमर बेस: लगभग 63 लाख से अधिक ग्राहकों ने साल के आखिरी दिन घर बैठे अपनी पसंदीदा डिशेज और ग्रोसरी मंगवाई।
  • वर्कफोर्स: इस भारी मांग को पूरा करने के लिए 4.5 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स मैदान में डटे रहे।

गोयल ने स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस के सहयोग से मुट्ठी भर उपद्रवियों को काबू में रखा जा सका, जिससे डिलीवरी पार्टनर्स बिना किसी डर के अपना काम सुचारू रूप से कर सके।

इंसेंटिव और हड़ताल का मुद्दा

31 दिसंबर को कुछ लेबर यूनियंस (IFAT और TGPWU) ने बेहतर वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था। उनका दावा था कि करीब 2.10 लाख गिग वर्कर्स काम नहीं करेंगे। हालांकि, ज़ोमैटो के आंकड़ों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

गोयल ने बताया कि 31 दिसंबर को डिलीवरी पार्टनर्स को प्रति ऑर्डर लगभग 120-150 रुपये तक का इंसेंटिव दिया जा रहा था, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर था। उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यवस्था मूल रूप से ही अन्यायपूर्ण होती, तो वह लगातार इतने सारे लोगों को काम के लिए आकर्षित नहीं कर पाती।”

ज़ोमैटो और ब्लिंकिट न्यू ईयर स्टैट्स: एक नजर में

विवरणआंकड़े (31 दिसंबर 2025)
कुल डिलीवर ऑर्डर75 लाख +
सक्रिय डिलीवरी पार्टनर्स4.5 लाख +
कुल ग्राहक (Customers)63 लाख +
डिलीवरी पार्टनर इंसेंटिव₹120-150 प्रति ऑर्डर
सुरक्षा व्यवस्थापुलिस के सहयोग से ‘वॉर रूम’ सेटअप

क्या थीं गिग वर्कर्स की मांगें?

हड़ताल का आह्वान करने वाली यूनियंस ने निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों को उठाया था:

  1. बेहतर वेतन और सुरक्षा: राइडर्स के लिए फिक्स्ड सैलरी और बीमा कवर।
  2. सोशल सिक्योरिटी: पीएफ और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ।
  3. 10-मिनट डिलीवरी पर प्रतिबंध: यूनियंस का तर्क है कि समय पर डिलीवरी करने के दबाव में राइडर्स की जान जोखिम में रहती है।

“गिग इकोनॉमी विकास का इंजन”

दीपेंद्र गोयल ने गिग इकोनॉमी का बचाव करते हुए कहा कि यह भारत में संगठित रोजगार सृजन के सबसे बड़े इंजनों में से एक है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब इन डिलीवरी पार्टनर्स के बच्चे एक स्थिर आय और बेहतर शिक्षा के साथ वर्कफोर्स में शामिल होंगे, तब देश में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

हड़ताल की धमकियों के बावजूद ज़ोमैटो और ब्लिंकिट का यह रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती ताकत और उपभोक्ताओं की निर्भरता को दर्शाता है। यह डेटा साबित करता है कि फेस्टिव सीजन में भारत का ‘क्विक कॉमर्स’ और ‘फूड टेक’ सेक्टर अब किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

By News Scoop Desk

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