न्यूज स्कूप : बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ एक्टर गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए जानी जाती हैं। तीन दशक से भी अधिक लंबी अपनी शादी की यात्रा पर सुनीता ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलकर बात की, जिसमें उन्होंने अपने और गोविंदा के रिश्ते के कई पहलुओं पर रोशनी डाली।
पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने अपने पति की पिछली गलतियों पर विचार करते हुए कहा, “जवानी में इंसान गलती करता है, मैंने तो किया है, गोविंदा ने भी किया है। लेकिन जब आपकी एक निश्चित उम्र हो जाती है, तब गलतियां करते हो, तो शोभा नहीं देता और क्यों करो, आपका सुंदर परिवार है। बीवी है, सुंदर बच्चे हैं, तो क्यों?”
हीरोइन संग ज्यादा समय बिताते हैं गोविंदा
एक स्टार की पत्नी होने के अनुभव पर बात करते हुए सुनीता का दर्द छलका। उन्होंने कहा, “देखो, वो (गोविंदा) हीरो हैं। उनका मैं क्या बोलूं, बीवी लोगों से ज्यादा वो हीरोइनों के साथ टाइम बिताते हैं।”
सुनीता ने बताया कि एक स्टार की पत्नी बनने के लिए कितना मजबूत बनना पड़ता है। उन्होंने कहा, “किसी स्टार की पत्नी बनने के लिए आपको बहुत मजबूत औरत बनना पड़ता है। आपको दिल पत्थर का बनाना पड़ता है। मुझे ये समझने में 38 साल लग गए। जवानी में समझ नहीं आया था।” यह बयान साफ दर्शाता है कि बॉलीवुड की चकाचौंध के बीच एक पत्नी के लिए रिश्ते को बचाए रखना कितना मुश्किल होता है।
अगले जन्म में पति नहीं, बेटा चाहिए!
जब सुनीता आहूजा से सीधे पूछा गया कि क्या वह अगले जन्म में भी गोविंदा को अपना पति बनाना चाहेंगी, तो उनका जवाब बहुत ही बेबाक और चौंकाने वाला था। सुनीता ने हंसते हुए कहा, “मुझे नहीं चाहिए। मैंने तो पहले ही बता दिया था। गोविंदा बहुत अच्छे बेटे हैं, बहुत अच्छे भाई हैं, लेकिन पति नहीं। अगले जन्म तू मेरा बेटा बनकर पैदा होना, पति तो तू नहीं चाहिए। साथ जन्म तो भूल जाओ, ये जन्म ही काफी है।”
यह बात बताती है कि गोविंदा एक पारिवारिक व्यक्ति के रूप में तो सफल रहे हैं, लेकिन पति के रूप में सुनीता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए।
बच्चों के साथ मजबूत रिश्ता
सुनीता ने अपने बच्चों टीना (नर्मदा) और यशवर्धन के साथ अपने गहरे रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनका सोचना गोविंदा से अलग है। उन्होंने बताया कि वह आज जिंदा हैं, क्योंकि उन्हें अपने बच्चों से बहुत प्यार है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपनी बेटी टीना को बचपन में अक्सर इरिटेट करती थीं, जब वह पूछती थीं कि वह पापा या उनमें से किसे ज्यादा प्यार करती है।
सुनीता ने आगे कहा, “मेरी जिंदगी में दोस्त ही नहीं हैं। मैं दोस्ती में यकीन नहीं रखती।” वह बताती हैं कि उनके बेटे यश उन्हें डिनर पर ले जाते हैं और बेटी टीना भी उनका साथ देती है। सुनीता और गोविंदा ने 1987 में गुपचुप तरीके से शादी की थी।

