न्यूज़ स्कूप : देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा (IGI Airport) पर शुक्रवार (7 नवंबर) की शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब एयर नेविगेशन सिस्टम में अचानक एक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक IGI पर इस बड़ी गड़बड़ी के चलते करीब 800 उड़ानों में भारी देरी हुई और टर्मिनल पर मौजूद हजारों यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई यह तकनीकी खामी इतनी गंभीर थी कि कुछ घंटों के लिए फ्लाइट लैंडिंग और टेकऑफ दोनों ही बुरी तरह प्रभावित हुए। सुरक्षा के मद्देनजर, कई विमानों को हवा में होल्डिंग पैटर्न में रखा गया, जबकि कुछ उड़ानों को नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी और DGCA ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टेक्निकल टीमों को काम पर लगाया। जाँच में पता चला कि यह खराबी नेविगेशन डेटा सर्वर से जुड़ी थी, जिसके कारण ATC और विमानों के बीच संचार एवं दिशा-निर्देश प्रणाली में बड़ा व्यवधान आया।
- समयरेखा: यह गंभीर तकनीकी समस्या शाम को शुरू हुई, और राहत की बात यह रही कि रात करीब 9 बजे समस्या का समाधान कर लिया गया।
- सामान्य संचालन: समस्या ठीक होने के बाद उड़ानों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। एयरपोर्ट प्रबंधन ने रात करीब 11:55 बजे एक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों को आश्वस्त किया कि सभी फ्लाइट ऑपरेशंस अब सामान्य हो गए हैं और यात्री निश्चिंत होकर यात्रा कर सकते हैं।
राहत की बात यह रही कि इस गंभीर खराबी के दौरान किसी भी विमान के साथ कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रबंधन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि कई घंटों तक उन्हें स्थिति की स्पष्ट और समय पर जानकारी नहीं दी गई, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को गेट पर ही रोक दिया गया था, क्योंकि रनवे संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। यात्रियों को टर्मिनल पर घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। एयरपोर्ट स्टाफ ने इस दौरान यात्रियों की परेशानी को कम करने की भरसक कोशिश की।

